दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट ‘स्टारशिप’ का बड़ा टेस्ट, वीडियो में देंखे उड़ान में आई तकनीकी खराबी फिर भी हिंद महासागर में सफल लैंडिंग
दुनिया के सबसे ताकतवर और चर्चित रॉकेट SpaceX Starship के नए और बड़े वर्जन का पहला परीक्षण मिशन रोमांच, तकनीकी चुनौतियों और आंशिक सफलता का अनोखा मिश्रण साबित हुआ। अरबपति उद्योगपति Elon Musk की कंपनी SpaceX द्वारा विकसित इस विशाल रॉकेट को अमेरिकी राज्य Texas के दक्षिणी छोर पर स्थित स्टारबेस लॉन्चिंग साइट से उड़ान भराई गई।
भारतीय समयानुसार 23 मई की सुबह लॉन्च हुए इस मिशन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं। यह स्टारशिप के तीसरी पीढ़ी के अपग्रेडेड वर्जन का पहला टेस्ट था, जबकि पूरे स्टारशिप प्रोग्राम का यह 12वां परीक्षण मिशन माना जा रहा है। लॉन्च के शुरुआती क्षण बेहद शानदार रहे और रॉकेट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। लेकिन कुछ ही समय बाद मिशन के दौरान तकनीकी समस्या सामने आ गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के दौरान स्टारशिप के एक इंजन में खराबी आ गई, जिससे मिशन पर खतरा मंडराने लगा। विशेषज्ञों का मानना था कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण रॉकेट के नियंत्रण खोने और उसके नष्ट होने की आशंका बढ़ गई थी। हालांकि स्पेसएक्स की इंजीनियरिंग टीम लगातार सिस्टम की निगरानी करती रही और स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी गई।
तकनीकी दिक्कतों के बावजूद मिशन पूरी तरह विफल नहीं हुआ। करीब एक घंटे की उड़ान के बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में सफल रहा। यह उपलब्धि इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इतनी बड़ी तकनीकी समस्या के बाद भी रॉकेट का नियंत्रित तरीके से लैंड करना स्पेसएक्स की उन्नत तकनीक और सिस्टम की क्षमता को दर्शाता है।
स्पेसएक्स लंबे समय से स्टारशिप प्रोग्राम पर काम कर रही है और इसका उद्देश्य भविष्य में इंसानों को चांद और मंगल ग्रह तक पहुंचाना है। स्टारशिप को अब तक का सबसे शक्तिशाली और दोबारा इस्तेमाल किया जा सकने वाला रॉकेट माना जाता है। इसकी मदद से भारी उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के साथ-साथ भविष्य के इंटरप्लेनेटरी मिशन को भी संभव बनाने की योजना है।
हालांकि स्टारशिप के पिछले कई परीक्षणों में विस्फोट और तकनीकी असफलताएं देखने को मिली थीं, लेकिन हर टेस्ट के साथ कंपनी ने नई प्रगति दर्ज की है। इस बार भी इंजन में खराबी आने के बावजूद सुरक्षित लैंडिंग को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिशन पूरी तरह सफल भले ही न रहा हो, लेकिन इससे स्पेसएक्स को भविष्य के मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा और तकनीकी अनुभव मिलेगा। आने वाले समय में कंपनी स्टारशिप के और उन्नत संस्करण लॉन्च कर सकती है, जो अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकते हैं।