शादी का मंडप बना तमाशा! दूल्हे ने पकड़ा साली का हाथ, बिना दुल्हन के लौटी बरात
शादी सिर्फ एक रस्मों का संगम नहीं होती, यह दो परिवारों का मिलन होती है। लेकिन जब रस्मों की आड़ में सम्मान कुचलने लगे तो रिश्ता बनने से पहले ही टूट जाना बेहतर होता है। उत्तर प्रदेश के एटा ज़िले के राजा का रामपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जूता चुराई जैसी हल्की-फुल्की रस्म से शुरू हुआ मज़ाक एक गंभीर विवाद में बदल गया और नतीजा यह हुआ कि दूल्हा बिना दुल्हन को विदा किए बारात वापस ले गया।
मज़ाक नहीं, अपमान बन गई रस्म
कासगंज से आई बारात का स्वागत धूमधाम से हुआ। निकाह की रस्म शांति से पूरी हो चुकी थी। इसके बाद आई वो रस्म जिसे शादी का मजेदार हिस्सा माना जाता है — जूता चुराई। दुल्हन की बहन यानी साली ने मजाक में अपने जीजा से कहा, "जूते चाहिए तो 1000 रुपये दो।" दूल्हे ने हंसते हुए केवल 200 रुपये थमा दिए। जब साली ने 1000 रुपये की जिद की, तो दूल्हे ने न सिर्फ नाराजगी जताई, बल्कि उसका हाथ पकड़कर कहा — "चल मेरे पैरों में जूता पहन।" यह बात सिर्फ अपमानजनक नहीं थी, यह उस लड़की के आत्म-सम्मान को चोट पहुंचाने वाली थी जिसने केवल एक शादी की रस्म निभाई थी। मेहमान, घरवाले और पंचायत सभी स्तब्ध रह गए।
पंचायत, पुलिस और फिर टूटा रिश्ता
रस्म से शुरू हुई बात इतनी बढ़ी कि पंचायत बुलाई गई। कई घंटों तक समझौते की कोशिशें होती रहीं, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो रविवार सुबह बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई। दुल्हन के परिवार ने बताया कि उन्होंने शादी में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी थी, लेकिन दूल्हे के व्यवहार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात तब हुई जब दूल्हे की मां ने कहा कि "लड़की को कार की डिक्की में डालकर ले जाएंगे" और बहन ने धमकी दी कि "घर ले जाकर काटेंगे।" ये बातें किसी भी परिवार के लिए डरावनी थीं — ऐसे माहौल में बेटी को विदा करना संभव नहीं था।
रिश्ते की बुनियाद इज्जत होती है, सौदे नहीं
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, दो संस्कृतियों और मूल्यों का संगम है। रस्में अगर सम्मान के साथ निभाई जाएं, तो वे यादगार बनती हैं, लेकिन जब रस्में इंसानियत को कुचलने लगें, तो फिर रिश्ता सिर्फ कागज़ का टुकड़ा रह जाता है।यह घटना हर उस परिवार के लिए एक सीख है जो शादी में दिखावे और रस्मों के नाम पर आत्म-सम्मान की बलि चढ़ा देते हैं।