तांत्रिक ने महिला को पढ़ाई ऐसी पट्टी की मासूम को फेंक आई नहर में और फिर आगे जो हुआ उसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते
हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत और मातृत्व को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला ने तांत्रिक के बहकावे में आकर अपने ही दो साल के बेटे को पुल से नहर में फेंक दिया। यह घटना फरीदाबाद के बीपीटीपी पुल की है, जहां महिला को बच्चे को फेंकते कुछ राहगीरों ने देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला का नाम मेघा लुकरा है और उसने अपने बेटे तन्मय उर्फ रोनिक को आगरा नहर में फेंका। इस दिल दहला देने वाली हरकत के पीछे एक महिला तांत्रिक का हाथ बताया जा रहा है, जिसने मेघा को यह यकीन दिला दिया था कि उसका बेटा एक "सफेद जिन्न" है और वह पूरे परिवार को बर्बाद कर देगा।
तांत्रिक के जाल में फंसी मां
पुलिस जांच में सामने आया है कि मेघा पिछले काफी समय से एक महिला तांत्रिक मीता भाटिया के संपर्क में थी। तांत्रिक ने उसे यह विश्वास दिलाया कि उसका बेटा मानव नहीं बल्कि एक दुष्ट आत्मा यानी जिन्न का अवतार है और अगर उसे जिंदा रखा गया तो पूरा परिवार नष्ट हो जाएगा। इसी अंधविश्वास में आकर मेघा ने अपने कलेजे के टुकड़े को नहर में फेंक दिया।
राहगीरों ने बचाई स्थिति, पुलिस को सौंपा
जब मेघा अपने बेटे को नहर में फेंकने जा रही थी, तभी कुछ राहगीरों ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया। लोगों ने शोर मचाया और महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। 112 नंबर पर कॉल कर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
बच्चे की तलाश जारी
फिलहाल अग्निशमन विभाग, राज्य आपदा प्रबंधन बल और स्थानीय गोताखोरों की टीम मिलकर बच्चे की नहर में तलाश कर रही है। अभी तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे पूरे इलाके में बेचैनी का माहौल है।
पिता ने बताई घटना की पृष्ठभूमि
मेघा के पति कपिल लुकरा ने बताया कि उनकी शादी 16 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे हैं – 14 साल की बेटी मान्या और दो साल का बेटा तन्मय। कपिल के अनुसार, रविवार शाम 5 बजे के करीब मेघा अचानक बेटे को गोद में लेकर घर से निकल गई और किसी को कुछ नहीं बताया। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो कपिल ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में पता चला कि वह थाने में है।
कपिल ने यह भी बताया कि मेघा काफी समय से तांत्रिक मीता भाटिया के संपर्क में थी और उसी के प्रभाव में आकर मानसिक रूप से अस्थिर होती जा रही थी। तांत्रिक द्वारा दिए गए झूठे विश्वास ने एक मां को वह अपराध करने के लिए उकसाया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
आरोपी तांत्रिक हिरासत में
पुलिस ने आरोपी तांत्रिक मीता भाटिया को भी हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, महिला पर कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा और तांत्रिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अंधविश्वास बना जानलेवा
यह मामला समाज में फैले अंधविश्वास और ढोंगी तांत्रिकों के खतरनाक प्रभाव की एक दर्दनाक मिसाल है। जब तक समाज में जागरूकता नहीं फैलाई जाती और ऐसे झूठे आस्था के ठेकेदारों पर कानूनी शिकंजा नहीं कसा जाता, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। फिलहाल पुलिस की पूरी कोशिश है कि किसी तरह मासूम तन्मय को सुरक्षित खोजा जा सके, हालांकि समय बीतने के साथ उम्मीदें कम होती जा रही हैं। पूरे इलाके में मातम पसरा है, और यह सवाल गूंज रहा है — क्या एक मां को उसके बेटे से यह यकीन दिलवाना इतना आसान था?