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राज्य सरकार लाएगी ओटीएस-2026, 19 हजार से अधिक आवंटियों को संपत्ति के लंबित भुगतान में राहत

 

बिहार सरकार ने विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की आवंटित संपत्तियों के लंबित भुगतान की वसूली के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस)-2026 लागू करने का फैसला किया है। इस योजना से प्रदेश भर के लगभग 19 हजार से अधिक आवंटियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार के अधिकारियों ने बताया कि ओटीएस-2026 का उद्देश्य उन आवंटियों को बकाया राशि का भुगतान आसान और कम बोझ वाला विकल्प प्रदान करना है, जिन्होंने अब तक अपने आवंटित फ्लैट, प्लॉट या आवासीय संपत्ति का लंबित भुगतान नहीं किया है। इसके तहत कुछ मुक्तियों और रियायतों के माध्यम से पूरा बकाया राशि अदा करने का अवसर दिया जाएगा।

योजना की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

  • एकमुश्त समाधान: लंबित राशि का भुगतान करने के लिए आसान और तयशुदा समय में चुकौती का विकल्प।

  • रियायत और छूट: कुछ मामलों में विलंब शुल्क और ब्याज में छूट।

  • आवंटियों की राहत: लगभग 19 हजार से अधिक आवंटियों को वित्तीय बोझ कम होने की संभावना।

  • संपत्ति का अधिकार सुरक्षित: योजना का लाभ लेने वाले आवंटियों के लिए संपत्ति का अधिकार सुरक्षित रहेगा।

आवास विकास परिषद और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि योजना से न केवल आवंटियों को राहत मिलेगी, बल्कि राजस्व वसूली में भी तेजी आएगी। लंबित बकाया राशि वसूल होने से प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और नई परियोजनाओं में निवेश के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि ओटीएस जैसी योजनाएँ सरकार और आवंटियों दोनों के लिए विन-विन स्थिति पैदा करती हैं। आवंटियों को संपत्ति के लिए लंबित राशि आसानी से चुकाने का मौका मिलता है, वहीं प्राधिकरणों को लंबित राशि वसूल करने में मदद मिलती है।

राज्य सरकार ने योजना की शर्तों और समय सीमा जल्द ही सार्वजनिक करने का भरोसा दिया है। इसके तहत आवंटियों को आवश्यक दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी स्पष्ट रूप से दी जाएगी।

विश्लेषकों का मानना है कि ओटीएस-2026 जैसी पहल से आवासीय संपत्तियों की बिक्री और निवेश में भी गति आएगी। लंबित भुगतान का बोझ कम होने से आवंटियों के बीच भरोसा और योजना के प्रति उत्साह बढ़ेगा।

इस योजना के लागू होने से राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आवंटियों को वित्तीय राहत मिले और प्राधिकरणों की वसूली प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बने। इसके अलावा, यह कदम बिहार में आवासीय योजनाओं के प्रति जनता की भागीदारी और विश्वास बढ़ाने में भी मदद करेगा।

इस प्रकार, ओटीएस-2026 योजना न केवल लंबित संपत्ति भुगतान में राहत देने वाली है, बल्कि यह विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद के वित्तीय सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। आवंटियों और अधिकारियों दोनों के लिए यह योजना विनियमित और पारदर्शी प्रक्रिया के रूप में काम करेगी।