देशभर में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से हालात गंभीर, फुटेज में जानें IMD ने जारी किए अलर्ट
देश के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 18 मार्च से स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है, जिसकी वजह से पूरे देश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग ने इस बीच आज पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी राज्यों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
विशेष क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। यह स्थिति किसानों और ग्रामीण इलाकों में विशेष चिंता का कारण बनी हुई है, क्योंकि अचानक हुई बारिश और ओले फसलों को भारी नुकसान पहुँचा सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार को भी बर्फबारी जारी रही। हिमाचल के कुल्लू और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के चलते सड़कें बंद हो गई हैं और यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, जम्मू के सरथल में भी लगातार बर्फबारी से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ। पर्वतीय इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मेघालय में भी खराब मौसम का असर दिखा। यहां रीभोई में तेज आंधी और भारी बारिश के कारण लगभग 1028 घरों को नुकसान हुआ और करीब 5000 लोग प्रभावित हुए। सबसे ज्यादा नुकसान उमलिंग और जिरांग ब्लॉक के गांवों में देखा गया। इन इलाकों में फसलें, पेड़-पौधे और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी गंभीर क्षति पहुँची है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अगले कुछ दिनों तक देशभर में बारिश, आंधी और ओले गिरने की घटनाएँ जारी रह सकती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बाहर निकलते समय सतर्क रहें, घरों और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और मौसम अपडेट पर ध्यान दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय बारिश और ओलावृष्टि का दौर अत्यंत असामान्य और अचानक है, जिससे किसानों की फसलें, जानवर और स्थानीय बुनियादी ढांचा जोखिम में हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन की मदद लें।
इस स्थिति को देखते हुए कई राज्यों के प्रशासन ने आपातकालीन तैयारियाँ तेज कर दी हैं। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर लगाए जा रहे हैं और मलबा हटाने, बिजली बहाल करने और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य चल रहा है। IMD के अनुसार, देशभर में मौसम की अस्थिरता अगले कई दिनों तक बनी रह सकती है। इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने, घरों और फसलों की सुरक्षा करने और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर ध्यान देने की आवश्यकता है।