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महाराष्ट्र में MPSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन खत्म, वीडियो में जाने सरकार ने बनाई कमेटी; 10 दिन बाद आंदोलन वापस

 

महाराष्ट्र में राज्य लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं को ऑफलाइन कराने की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से चल रहा अभ्यर्थियों का प्रदर्शन रविवार को समाप्त हो गया। राज्य सरकार ने आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार और अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। राज्य के मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को कमेटी के गठन की जानकारी दी। कमेटी की अध्यक्षता बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज दिलीप भोसले करेंगे। इसमें फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अलावा आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त जज पीडी नाइक को भी कमेटी में शामिल किया गया है।

कंप्यूटर पर परीक्षा कराने के फैसले का विरोध

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दरअसल, MPSC की परीक्षाएं कंप्यूटर के माध्यम से कराने के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने 30 जून को छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि आयोग की परीक्षाएं पहले की तरह ऑफलाइन माध्यम से कराई जाएं। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताओं पर सरकार और आयोग को ध्यान देना चाहिए।धीरे-धीरे यह विरोध प्रदर्शन व्यापक हो गया और पुणे में भी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा। करीब 10 दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद सरकार ने कटी बनाने का फैसला लिया। इसके बाद मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें सरकार के कदम की जानकारी दी।

भर्ती और परीक्षा से जुड़ी मांगों पर भी भरोसा

कमेटी के गठन के साथ ही सरकार ने प्रदर्शनकारियों की अन्य मांगों पर भी विचार करने का भरोसा दिया है। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने अगले तीन साल में 70 हजार पदों पर भर्ती करने की मांग भी रखी है।अभ्यर्थियों ने जनवरी में प्रस्तावित ग्रुप-सी परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि MPSC के अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति से पहले उनके बैकग्राउंड की जांच की जानी चाहिए, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

कमेटी की भूमिका पर रहेंगी अभ्यर्थियों की नजरें

सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी अब MPSC की परीक्षा प्रक्रिया और आयोग में सुधार से जुड़े मुद्दों पर विचार करेगी। हालांकि, कंप्यूटर आधारित परीक्षा के स्थान पर ऑफलाइन परीक्षा कराने समेत अभ्यर्थियों की सभी मांगों पर अंतिम फैसला क्या होगा, यह आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।फिलहाल कमेटी के गठन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर बनी चिंताओं का समाधान निकलेगा। अब कमेटी की सिफारिशों और सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें रहेंगी।