ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों को राष्ट्र का नमन, वीडियो में जाने 13 महीने बाद सरकार ने किए नाम सार्वजनिक; नेशनल वॉर मेमोरियल पर मिली अमर पहचान
केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए भारतीय सेना के छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन वीर सैनिकों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की 'रोल ऑफ ऑनर' सूची और 3डी वॉल पर अंकित किए गए हैं। यह कदम शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सेना के छह जवानों को अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर स्थायी सम्मान मिल गया है। केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए इन सैनिकों के नाम 13 महीने बाद आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। उनके नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' में शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 3डी डिजिटल वॉल पर वर्ष 2025 के खंड में भी उनके नाम अंकित किए गए हैं।
नेशनल वॉर मेमोरियल देश के उन वीर सैनिकों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने आजादी के बाद विभिन्न सैन्य अभियानों और संघर्षों में अपने प्राण न्योछावर किए। स्मारक के 'त्याग चक्र' में ग्रेनाइट की 16 गोलाकार दीवारें बनाई गई हैं, जिन पर शहीद सैनिकों का नाम, रैंक और उनकी यूनिट दर्ज की गई है। अब ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह जवानों के नाम भी इस गौरवशाली सूची का हिस्सा बन गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ी है। इस हमले में 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया।
इसके तहत 6 और 7 मई की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक और व्यापक कार्रवाई की। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस अभियान में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया और कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच लगभग चार दिनों तक हवाई संघर्ष की स्थिति बनी रही।
ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के छह जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। अब उनके नामों को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक कर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में शामिल किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके साहस और बलिदान को हमेशा याद रखें।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नेशनल वॉर मेमोरियल में किसी शहीद का नाम दर्ज होना केवल सम्मान नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की ओर से उसके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को दी गई स्थायी श्रद्धांजलि है। यह उन सैनिकों के परिवारों के लिए भी गर्व का क्षण है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्रियजनों को खोया।
ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ नीति का प्रतीक माना जा रहा है। वहीं, इस अभियान में शहीद हुए जवानों के नाम अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए अमर हो गए हैं। देश उनके अद्वितीय साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रखेगा।