राष्ट्रपति भवन पहुंचेगा सीजेपी प्रदर्शन का मुद्दा! आज रात 8 बजे बड़ी मुलाकात, सरकार ने बढ़ाई कड़ी नाकेबंदी
देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच INDIA गठबंधन के बड़े नेता आज रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की संभावना है।
रात 8 बजे राष्ट्रपति से मिलेंगे विपक्ष के दिग्गज नेता
राष्ट्रपति भवन में होने वाली इस मुलाकात के लिए विपक्ष की ओर से वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जा रहा है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और RJD नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
विपक्ष राष्ट्रपति के सामने SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रख सकता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने से मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग और सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए प्रक्रिया को मतदाता सूची दुरुस्त करने की कवायद बताते रहे हैं।
CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा सख्त
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की सूचना निर्धारित समय से काफी देर से दी गई थी। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात संबंधी चिंताओं का भी हवाला दिया है। नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने की बात भी कही गई है।
प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के आरोप, पुलिस की बढ़ी चौकसी
CJP ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उसके कई समर्थकों और अन्य संगठनों से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया है। संगठन के नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे कुछ युवाओं को भी रोका गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
वहीं, दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। राजधानी में प्रवेश के प्रमुख रास्तों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है और संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
SIR और वोटर लिस्ट पर क्यों छिड़ी है बहस?
विवाद की मुख्य वजह मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसद पिछले कई दिनों से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं।
इसके विपरीत, चुनाव आयोग और सरकार का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही बनाने के लिए पुनरीक्षण किया जा रहा है। ऐसे में राष्ट्रपति से विपक्ष की मुलाकात को इस विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
अब आगे क्या होगा?
आज रात 8 बजे होने वाली राष्ट्रपति और विपक्षी नेताओं की बैठक पर सबकी नजरें रहेंगी। इसके साथ ही 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन के रुख और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
फिलहाल, राष्ट्रपति से मुलाकात के नतीजे और प्रदर्शन को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। आने वाले घटनाक्रम से यह तय होगा कि SIR और चुनाव आयोग को लेकर चल रहा राजनीतिक टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।
देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच INDIA गठबंधन के बड़े नेता आज रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की संभावना है।
रात 8 बजे राष्ट्रपति से मिलेंगे विपक्ष के दिग्गज नेता
राष्ट्रपति भवन में होने वाली इस मुलाकात के लिए विपक्ष की ओर से वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जा रहा है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और RJD नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
विपक्ष राष्ट्रपति के सामने SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रख सकता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने से मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग और सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए प्रक्रिया को मतदाता सूची दुरुस्त करने की कवायद बताते रहे हैं।
CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा सख्त
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की सूचना निर्धारित समय से काफी देर से दी गई थी। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात संबंधी चिंताओं का भी हवाला दिया है। नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने की बात भी कही गई है।
प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के आरोप, पुलिस की बढ़ी चौकसी
CJP ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उसके कई समर्थकों और अन्य संगठनों से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया है। संगठन के नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे कुछ युवाओं को भी रोका गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
वहीं, दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। राजधानी में प्रवेश के प्रमुख रास्तों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है और संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
SIR और वोटर लिस्ट पर क्यों छिड़ी है बहस?
विवाद की मुख्य वजह मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसद पिछले कई दिनों से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं।
इसके विपरीत, चुनाव आयोग और सरकार का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही बनाने के लिए पुनरीक्षण किया जा रहा है। ऐसे में राष्ट्रपति से विपक्ष की मुलाकात को इस विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
अब आगे क्या होगा?
आज रात 8 बजे होने वाली राष्ट्रपति और विपक्षी नेताओं की बैठक पर सबकी नजरें रहेंगी। इसके साथ ही 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन के रुख और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
फिलहाल, राष्ट्रपति से मुलाकात के नतीजे और प्रदर्शन को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। आने वाले घटनाक्रम से यह तय होगा कि SIR और चुनाव आयोग को लेकर चल रहा राजनीतिक टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।