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भारतीय शादियों में भोजन का बढ़ता महत्व: फूड स्टॉल्स से सजती है रौनक

 

भारतीय शादियां सिर्फ दो लोगों के मिलन का उत्सव नहीं होतीं, बल्कि यह रंग, रौनक, परंपरा और स्वाद का भव्य मेला भी होती हैं। इन अवसरों पर भोजन का महत्व केवल पेट भरने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मेहमाननवाजी और खुशी बांटने का एक प्रमुख माध्यम बन जाता है। चाहे वह हल्दी और मेहंदी की रस्में हों या सगाई और बारात, हर समारोह में खाने का एक विशेष स्थान होता है।

आजकल की शादियों में फूड स्टॉल्स और लाइव काउंटर ने इसकी रौनक को और बढ़ा दिया है। जैसे ही मेहमान समारोह स्थल में प्रवेश करते हैं, उनकी नजर सबसे पहले सज-धजे फूड स्टॉल्स की ओर जाती है। लंबी कतारें, विभिन्न व्यंजनों की महक और रंग-बिरंगे प्रेजेंटेशन सब कुछ मिलकर एक ऐसा अनुभव तैयार करते हैं जो किसी बड़े फूड फेस्टिवल से कम नहीं लगता।

फूड स्टॉल्स में चाट, पनीर टिक्का, डोसा, सैंडविच, मिठाइयों और ड्रिंक्स के विकल्प उपलब्ध होते हैं। खास बात यह है कि अब हर व्यंजन का स्टॉल इस तरह सजाया जाता है कि वह सिर्फ खाने का साधन नहीं, बल्कि एक आकर्षण का केंद्र बन जाता है। कुछ शादियों में थीम्ड काउंटर भी देखने को मिलते हैं, जैसे बॉलीवुड थीम वाले फूड स्टॉल्स, रॉयल राजस्थानी स्टॉल्स या अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों के सेक्शन। इस तरह के काउंटर न केवल खाने का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि मेहमानों को नया अनुभव देने का काम भी करते हैं।

चाट के स्टॉल पर अक्सर लोगों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। यहां अलग-अलग प्रकार की चाट, गोलगप्पे और पानी पूरी की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींचती है। वहीं पनीर टिक्का, टिक्की और डोसा के लाइव काउंटर पर शेफ तैयार करते हुए दिखाई देते हैं, जो मेहमानों के लिए एक मनोरंजन का अनुभव भी बन जाता है। कुछ स्टॉल्स पर शाकाहारी और मांसाहारी दोनों विकल्प उपलब्ध होते हैं, ताकि हर तरह के मेहमान संतुष्ट रह सकें।

इसके अलावा, शादियों में मिठाइयों का भी खास महत्व होता है। हलवा, जलेबी, रसमलाई और लड्डू जैसी पारंपरिक मिठाइयां अक्सर सुंदर ट्रे और स्टैंड में सजाई जाती हैं। कई बार, केक और पेस्ट्री का भी एक अलग काउंटर रखा जाता है, जो पार्टी के आकर्षण का हिस्सा बन जाता है।

शादी में फूड स्टॉल्स की यह परंपरा केवल खानपान तक ही सीमित नहीं है। यह मेहमानों को जोड़ने, बातचीत के लिए जगह देने और समारोह को यादगार बनाने का एक जरिया बन गई है। कई परिवार अब फूड को थीम और मनोरंजन के साथ जोड़कर इसे एक अनुभव में बदल रहे हैं।

इस तरह, भारतीय शादियों में फूड स्टॉल्स का महत्व दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। यह केवल खाने की सुविधा नहीं, बल्कि संस्कृति, रचनात्मकता और खुशी का प्रतीक बन गए हैं। जब मेहमान सज-धजे स्टॉल्स के बीच खड़े होकर अपने पसंदीदा व्यंजन चुनते हैं, तो वह अनुभव केवल स्वाद तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि शादी की यादों का भी हिस्सा बन जाता है।