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सरकार ने फिर दोहराया- पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, वीडियो में जाने विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज

 

 

केंद्र सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का अंतिम या स्वतंत्र प्रमाण नहीं है। सरकार के अनुसार, पासपोर्ट मुख्य रूप से विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला आधिकारिक यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है, न कि नागरिकता साबित करने वाला अंतिम दस्तावेज।सरकार ने यह स्पष्टीकरण ऐसे समय दिया है, जब विभिन्न मंचों पर पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के रूप में लेकर चर्चा हो रही थी। सरकार का कहना है कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में कई दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है, लेकिन इसका उद्देश्य नागरिकता का अंतिम निर्धारण करना नहीं है।

पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य विदेश यात्रा

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सरकार के मुताबिक, पासपोर्ट एक ऐसा आधिकारिक दस्तावेज है, जो किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने और उसे विदेश यात्रा की अनुमति देने के लिए जारी किया जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान संबंधित व्यक्ति की पहचान और राष्ट्रीयता दर्शाने का माध्यम होता है, लेकिन इसे नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं माना जाता।

नागरिकता का निर्धारण कानून के अनुसार

सरकार ने कहा कि भारतीय नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 और उससे जुड़े नियमों के तहत किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति की नागरिकता को लेकर विवाद या जांच की स्थिति बनती है, तो उसका फैसला संबंधित कानूनी प्रावधानों और सक्षम प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है।

भ्रम दूर करने की कोशिश

सरकार का कहना है कि इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य लोगों के बीच मौजूद भ्रम को दूर करना है। अधिकारियों के अनुसार, पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज जरूर है, लेकिन इसे अकेले नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नागरिकता और पहचान से जुड़े मामलों में केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों पर ही भरोसा करें।