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कश्मीर के पुलवामा में भारतीय मजदूर संघ का पहला स्थायी कार्यालय खुला, वीडियो में RSS नेता बोले- बच्चे अब पत्थर नहीं, किताबें उठाना चाहते हैं

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के बारसू में अपना पहला स्थायी कार्यालय खोला है। बुधवार को कार्यालय की शुरुआत को घाटी में संगठन की गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संगठन का कहना है कि स्थायी कार्यालय बनने से कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और स्थानीय लोगों से संपर्क मजबूत करने में मदद मिलेगी।

RSS नेता बोले- बदले हुए कश्मीर की तस्वीर है कार्यालय खुलना

RSS के कश्मीर प्रभारी समीर कुचे ने कार्यालय खुलने पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बदले हुए कश्मीर की तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि अब बच्चे और युवा पत्थर उठाने के बजाय किताबें थामना चाहते हैं।उनके इस बयान में कश्मीर के युवाओं के भविष्य और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया। हालांकि, घाटी के सभी युवाओं की सोच या परिस्थितियों को एक जैसा नहीं माना जा सकता। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास जैसे मुद्दे क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

BMS को स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ाने में मिलेगी मदद

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भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन ने कहा कि स्थायी कार्यालय खुलने से संगठन की गतिविधियों को व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और स्थानीय लोगों के साथ संपर्क बढ़ाने का अवसर मिलेगा।भारतीय मजदूर संघ देश का एक प्रमुख श्रमिक संगठन है, जो श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और उनके हितों पर काम करता है। पुलवामा में स्थायी कार्यालय की शुरुआत के बाद संगठन को स्थानीय स्तर पर अपनी गतिविधियों के संचालन के लिए एक निश्चित केंद्र मिल गया है।

आतंकवाद के कारण चर्चा में रहा है पुलवामा जिला

दक्षिण कश्मीर का पुलवामा जिला लंबे समय से आतंकवाद और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों की गतिविधियां इस क्षेत्र से जुड़ी रही हैं।आतंकवादी बुरहान वानी, जाकिर मूसा और आदिल अहमद डार के नाम भी पुलवामा जिले से जुड़े रहे हैं। इन घटनाओं के कारण जिले में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद से निपटने की चुनौतियां लंबे समय तक बनी रहीं।14 फरवरी 2019 को पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी इसका व्यापक असर पड़ा था।

घाटी में संगठनात्मक गतिविधियों के विस्तार पर जोर

बारसू में भारतीय मजदूर संघ के स्थायी कार्यालय की शुरुआत ऐसे क्षेत्र में संगठन की मौजूदगी बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखी जा रही है, जहां सुरक्षा और सामाजिक परिस्थितियां लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रही हैं।संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, कार्यालय के जरिए कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संपर्क और गतिविधियों के समन्वय को आसान बनाया जा सकेगा। वहीं, RSS के कश्मीर प्रभारी ने युवाओं के शिक्षा की ओर बढ़ने को बदलते सामाजिक माहौल से जोड़कर देखा है।फिलहाल, इस पहल का स्थानीय स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है, यह आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों और लोगों के साथ उसके संपर्क से स्पष्ट होगा।