त्योहारी सीजन में चमकी चाय बागान मजदूरों की किस्मत! सरकार के इस बड़े फैसले से लाखों परिवारों में मचेगी धूम
त्योहारों के मौसम में बोनस का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के बीच असम से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दुर्गा पूजा से पहले चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए 20 फीसदी स्पेशल पूजा बोनस देने की घोषणा की है। इस फैसले से राज्य के 800 से अधिक चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों को त्योहार के दौरान आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य चाय बागान के मजदूरों को अपने परिवारों के साथ दुर्गा पूजा का त्योहार खुशी और उत्साह से मनाने में मदद करना है। असम के चाय उद्योग में इन श्रमिकों की अहम भूमिका है और यह राज्य की अर्थव्यवस्था का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
10 लाख से ज्यादा चाय मजदूरों को फायदा
असम देश के प्रमुख चाय उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य के ब्रह्मपुत्र और बराक घाटी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चाय बागान मौजूद हैं। रिपोर्टों के अनुसार, संगठित क्षेत्र में 10 लाख से अधिक चाय श्रमिक काम करते हैं। देश के कुल चाय उत्पादन में असम की हिस्सेदारी करीब 55 फीसदी बताई जाती है।
चाय मजदूरों को रोजाना कितनी मिलती है मजदूरी?
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रह्मपुत्र घाटी में चाय बागान मजदूरों की दैनिक मजदूरी करीब 280 रुपये, जबकि बराक घाटी में लगभग 258 रुपये है। इससे पहले इन क्षेत्रों में क्रमशः 250 रुपये और 228 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी। राज्य सरकार ने पहले दैनिक मजदूरी में 30 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
हालांकि, महंगाई को देखते हुए श्रमिक संगठन लंबे समय से मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर 351 से 365 रुपये या उससे अधिक किया जाए। मजदूरी के अलावा श्रमिकों को राशन और अन्य सुविधाएं भी मिलने की बात कही जाती है।
केंद्रीय कर्मचारियों को भी बोनस का इंतजार
दूसरी ओर, केंद्रीय कर्मचारियों और रेलकर्मियों की भी त्योहार से पहले बोनस को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं। कुछ कर्मचारी संगठनों की मांग है कि बोनस की गणना के लिए न्यूनतम वेतन की सीमा बढ़ाई जाए। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए किसी नई बोनस राशि को आधिकारिक घोषणा के बिना तय नहीं माना जाना चाहिए।फिलहाल असम सरकार की 20 फीसदी पूजा बोनस की घोषणा ने चाय बागान श्रमिकों के बीच त्योहार की तैयारियों को लेकर उम्मीद बढ़ा दी है।