मथानिया–सोयला की मशहूर हरी मिर्च बनी नशा तस्करी का नया जरिया, ड्रग्स छिपाने का तरीका देख पुलिस भी हैरान
देशभर में अपनी तेज खुशबू और तीखेपन के लिए मशहूर जोधपुर की मथानिया और सोयला की हरी मिर्च अब तस्करों के लिए नशा तस्करी का नया माध्यम बन गई है। पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मिर्च की आड़ में मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। तस्करों ने ड्रग्स छिपाने का ऐसा तरीका अपनाया कि पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी हरी मिर्च की बोरियों और क्रेट्स के बीच बेहद चालाकी से मादक पदार्थ छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा रहे थे। मिर्च की तीखी गंध के कारण ड्रग्स की पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता था, जिससे चेकिंग के दौरान भी संदेह कम होता था। यही वजह है कि यह तरीका तस्करों के लिए सुरक्षित और आसान साबित हो रहा था।
जानकारी के मुताबिक, मथानिया और सोयला की मिर्च देश के कई राज्यों में सप्लाई होती है। तस्करों ने इसी बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का फायदा उठाया और सब्जी मंडियों के जरिए ड्रग्स की खेप भेजनी शुरू कर दी। पहली नजर में यह सामान्य सब्जी की ढुलाई लगती थी, लेकिन अंदर से मादक पदार्थ बरामद होने पर पुलिस भी चौंक गई।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “तस्करों ने मिर्च के पैकेटों और बोरियों के बीच ड्रग्स को प्लास्टिक में पैक कर छिपाया था। तीखी गंध के कारण खोजी कुत्तों और जांच टीम को भी दिक्कत हुई। यह तरीका बेहद खतरनाक और नया है।”
इस खुलासे के बाद पुलिस ने सब्जी और कृषि उत्पादों की ढुलाई पर भी निगरानी बढ़ा दी है। मंडियों और ट्रांसपोर्ट वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
स्थानीय किसानों ने इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि मथानिया और सोयला की मिर्च की पहचान देशभर में गुणवत्ता के लिए है, लेकिन तस्करों की ऐसी हरकतों से क्षेत्र की छवि खराब हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि असली व्यापारियों को परेशान किए बिना सख्त कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि तस्कर अब नए-नए तरीके अपनाकर कानून से बचने की कोशिश कर रहे हैं। फल-सब्जियों और रोजमर्रा की चीजों के जरिए ड्रग्स की तस्करी करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन गया है।
पुलिस ने लोगों और व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सख्ती से अभियान चलाया जाएगा।
मथानिया और सोयला की हरी मिर्च जहां एक ओर स्वाद और पहचान का प्रतीक है, वहीं अब तस्करों की इस चाल ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।