जिस क्रिकेट बॉल को हवा में उड़ाते हैं कोहली-धोनी, उसके पीछे छिपी है अद्भुत कारीगरी
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के 19वें सीजन का रोमांच पूरे देश में चरम पर है। 28 मार्च से शुरू होकर 31 मई तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिल रही है। मैदान पर जब Virat Kohli जैसे बल्लेबाज़ गेंद को बाउंड्री के पार भेजते हैं या MS Dhoni अपने सिग्नेचर फिनिशिंग शॉट्स से स्टेडियम गूंजा देते हैं, तो दर्शक सिर्फ नतीजे देखते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जिस छोटी-सी लेदर क्रिकेट बॉल से यह पूरा खेल खेला जाता है, उसके बनने के पीछे कितनी मेहनत और सटीक कारीगरी छिपी होती है।
एक साधारण दिखने वाली क्रिकेट बॉल असल में कई परतों में बनी होती है और इसे तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह हाथों से की जाती है। सबसे पहले इसके अंदर कॉर्क (cork) और रबर का मिश्रण इस्तेमाल किया जाता है, जिसे गोल आकार देकर मजबूती दी जाती है। यही कोर गेंद की उछाल और वजन तय करता है।
इसके बाद इस कोर पर कई परतें लपेटी जाती हैं ताकि गेंद मजबूत और संतुलित बनी रहे। फिर असली काम शुरू होता है—लेदर (चमड़े) की सिलाई। क्रिकेट बॉल आमतौर पर चार टुकड़ों के चमड़े से बनती है, जिन्हें बेहद बारीकी से हाथ से सिला जाता है। इस सिलाई को “सीम” कहा जाता है, जो गेंद के स्विंग और मूवमेंट में अहम भूमिका निभाती है।
कारीगर हर गेंद को समान वजन और आकार देने के लिए बेहद सावधानी से काम करते हैं। एक छोटी-सी गलती भी गेंद के संतुलन को बिगाड़ सकती है, जिससे खेल पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि एक अच्छी क्रिकेट बॉल को तैयार करने में काफी समय और विशेषज्ञता लगती है।
सिलाई के बाद गेंद को प्रेसिंग मशीन से गुजारा जाता है ताकि उसका आकार पूरी तरह गोल और मजबूत बन सके। फिर इसे पॉलिश किया जाता है, जिससे उसकी चमक बढ़ती है और वह मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर सके। यही चमकदार लाल या सफेद गेंद टीवी पर इतनी आकर्षक दिखती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक हाई-क्वालिटी क्रिकेट बॉल को तैयार करने में कई चरण और गुणवत्ता जांच शामिल होती हैं। अंतरराष्ट्रीय मैचों में इस्तेमाल होने वाली गेंदें और भी सख्त मानकों पर खरी उतरती हैं, क्योंकि उनका सीधा असर खेल के परिणाम पर पड़ता है।
क्रिकेट प्रेमी अक्सर बल्ले और खिलाड़ी की तारीफ करते हैं, लेकिन गेंद बनाने वाले कारीगरों की मेहनत अक्सर अनदेखी रह जाती है। जबकि सच्चाई यह है कि क्रिकेट का हर चौका, हर विकेट और हर रोमांच इसी छोटी-सी गेंद की सटीक बनावट पर निर्भर करता है।
IPL 2026 के इस हाई-वोल्टेज सीजन में जब भी गेंद हवा में उड़ती है, तो उसके पीछे छिपी यह महीन कारीगरी खेल को और भी खास बना देती है।