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नोबेल पुरस्कार का काउंटडाउन शुरू: वजन घटाने वाली दवा से लेकर जीन एडिटिंग तक, रेस में शामिल हैं ये 5 रिसर्च

 

दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मानों में शामिल 2026 नोबेल पुरस्कारों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आज यानी 5 अक्टूबर से नोबेल पुरस्कारों की घोषणाएं शुरू हो रही हैं और सबसे पहले फिजियोलॉजी या मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार का ऐलान किया जाएगा। स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में नोबेल असेंबली विजेता या विजेताओं के नाम घोषित करेगी।

इस बार मेडिसिन नोबेल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा GLP-1 और वजन घटाने वाली दवाओं की नींव रखने वाली रिसर्च की है। हालांकि नोबेल कमेटी संभावित उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं करती, इसलिए नीचे दिए गए नाम और रिसर्च सिर्फ चर्चाओं और वैज्ञानिक पुरस्कारों के आधार पर संभावित दावेदारों के तौर पर देखे जा रहे हैं।

1. GLP-1 रिसर्च: Ozempic और Wegovy की नींव

इस साल की सबसे बड़ी दावेदारी GLP-1 रिसर्च की मानी जा रही है। स्वेतलाना मोइसोव, डैनियल ड्रकर और जेन्स जूल होल्स्ट जैसे वैज्ञानिकों ने GLP-1 की पहचान, उसके जैविक प्रभाव और शरीर में उसकी भूमिका को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

दशकों पहले शुरू हुई इस रिसर्च ने आगे चलकर ऐसी दवाओं का रास्ता खोला, जिनका इस्तेमाल डायबिटीज और मोटापे के इलाज में किया जा रहा है। आज इसी वैज्ञानिक आधार पर बनी GLP-1 दवाओं ने मोटापे के इलाज को लेकर पूरी दुनिया में बड़ा बदलाव पैदा किया है। 2026 में Clarivate ने भी इन तीनों वैज्ञानिकों को GLP-1 से जुड़ी रिसर्च के लिए Citation Laureate के तौर पर चुना है।

2. जीन एडिटिंग: DNA में सटीक बदलाव

दूसरी बड़ी चर्चा डेविड लियू की जीन एडिटिंग रिसर्च को लेकर है। उन्होंने ऐसी तकनीकें विकसित करने में अहम भूमिका निभाई, जिनसे DNA में पहले की तुलना में ज्यादा सटीक बदलाव किए जा सकते हैं।

उनकी Base Editing और Prime Editing तकनीकें आनुवंशिक बीमारियों के इलाज की नई संभावनाएं खोलती हैं। खास बात यह है कि डेविड लियू को 2026 की Clarivate सूची में केमिस्ट्री कैटेगरी में शामिल किया गया है, इसलिए उन्हें मेडिसिन नोबेल का संभावित नाम बताना आधिकारिक दावा नहीं है।

3. कैंसर का इलाज: CAR-T सेल थेरेपी

कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली CAR-T सेल थेरेपी भी इस साल की नोबेल चर्चाओं में है। इस तकनीक में मरीज की अपनी प्रतिरक्षा कोशिकाओं यानी T-Cells को लैब में तैयार किया जाता है, ताकि वे कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन पर हमला कर सकें।

इस क्षेत्र में कार्ल जून समेत कई वैज्ञानिकों के योगदान को महत्वपूर्ण माना जाता है। CAR-T ने खासतौर पर कुछ ब्लड कैंसर के इलाज में नई उम्मीद पैदा की है।

4. नींद और दिमाग: Orexin रिसर्च

एक और बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि Orexin से जुड़ी रिसर्च है। इस रिसर्च ने यह समझने में मदद की कि हमारा दिमाग जागने और सोने की प्रक्रिया को किस तरह नियंत्रित करता है।

इस क्षेत्र में इमैनुएल मिग्नॉट और मासाशी यानागिसावा के काम को महत्वपूर्ण माना जाता है। उनकी खोजों ने नार्कोलेप्सी यानी अचानक नींद आने वाली बीमारी को समझने में बड़ा योगदान दिया है। 2026 में दोनों को Lasker Basic Medical Research Award भी मिला है, जिससे नोबेल की अटकलें और तेज हुई हैं।

5. मेडिकल इमेजिंग: शरीर के अंदर की बेहद बारीक तस्वीर

मेडिसिन नोबेल की चर्चाओं में Optical Coherence Tomography यानी OCT जैसी मेडिकल इमेजिंग तकनीक भी शामिल है। इस तकनीक ने डॉक्टरों को शरीर के अंदर मौजूद बेहद सूक्ष्म संरचनाओं को देखने और बीमारी की पहचान करने में नई क्षमता दी।

इस क्षेत्र में जेम्स फुजीमोटो, डेविड हुआंग और एरिक स्वानसन के योगदान को प्रमुख माना जाता है। Clarivate ने 2026 में इस क्षेत्र को भी मेडिसिन की प्रभावशाली रिसर्च में शामिल किया है।

अब किसका नंबर आएगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार नोबेल कमेटी किस वैज्ञानिक या वैज्ञानिकों को चुनेगी। GLP-1 रिसर्च को फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा मिल रही है, क्योंकि इसने डायबिटीज और मोटापे के इलाज पर दुनियाभर में सीधा असर डाला है। लेकिन जीन एडिटिंग, कैंसर थेरेपी, नींद से जुड़ी रिसर्च और मेडिकल इमेजिंग भी मजबूत वैज्ञानिक उपलब्धियां हैं।

2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 5 से 12 अक्टूबर तक होगी। मेडिसिन के बाद फिजिक्स, केमिस्ट्री, साहित्य और शांति पुरस्कार का ऐलान होगा, जबकि अर्थशास्त्र का पुरस्कार 12 अक्टूबर को घोषित किया जाएगा।