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केंद्र सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाया, वीडियो में देखें 170 दिन बाद रिहाई का रास्ता साफ

 

केंद्र सरकार ने शनिवार को लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर Sonam Wangchuk पर लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) हटा लिया है। सरकार के इस फैसले के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। गृह मंत्रालय ने बताया कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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सरकारी सूत्रों के अनुसार वांगचुक ने NSA के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय पूरा कर लिया था। इसी आधार पर उनकी हिरासत खत्म करने का फैसला लिया गया है। पिछले करीब 170 दिनों से वे Jodhpur Central Jail में बंद हैं।

अनशन के दौरान हुई थी लेह में हिंसा

दरअसल, पिछले साल 24 सितंबर 2025 को लद्दाख की राजधानी लेह में उस समय हिंसा भड़क गई थी, जब सोनम वांगचुक क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। प्रशासन का आरोप था कि हालात बिगड़ने से कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।

घटना के दो दिन बाद, यानी 26 सितंबर 2025 को प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में ले लिया था। इसके तुरंत बाद उन्हें लद्दाख से राजस्थान के जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया था और वहीं की केंद्रीय जेल में रखा गया।

170 दिन से जेल में थे बंद

हिरासत के बाद से वांगचुक करीब 170 दिनों से जोधपुर जेल में बंद थे। उनके समर्थक और कई सामाजिक संगठनों ने उनकी गिरफ्तारी का विरोध भी किया था और रिहाई की मांग उठाई थी। अब सरकार के ताजा फैसले के बाद उनकी जल्द रिहाई की संभावना बढ़ गई है।

जेल प्रशासन को अभी नहीं मिला आधिकारिक आदेश

जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक प्रदीप लखावत ने बताया कि उन्हें इस फैसले की जानकारी फिलहाल मीडिया और प्रेस नोट के जरिए ही मिली है। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जेल प्रशासन को प्राप्त नहीं हुआ है। लखावत के अनुसार जैसे ही संबंधित आदेश जेल प्रशासन तक पहुंच जाएगा, उसके बाद जेल नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद सोनम वांगचुक की रिहाई की औपचारिकताएं शुरू होंगी।

लंबे समय से सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय

सोनम वांगचुक लद्दाख में शिक्षा, पर्यावरण और स्थानीय अधिकारों के मुद्दों को लेकर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे इंजीनियर होने के साथ-साथ एक प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं और कई नवाचारों के लिए पहचाने जाते हैं।

सरकार के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। माना जा रहा है कि आधिकारिक आदेश जारी होते ही आने वाले दिनों में उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।