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केंद्र सरकार ने बदले इमिग्रेशन नियम, वीडियो में जाने पाकिस्तान-बांग्लादेश-अफगानिस्तान से आए 6 गैर-मुस्लिम समुदायों को अब भारत में रहने के लिए लेना होगा वीजा

 

केंद्र सरकार ने देश में रहने वाले विदेशी नागरिकों से जुड़े इमिग्रेशन नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भारत आए छह गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों को अब भारत में रहने के लिए वीजा लेना होगा। इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग शामिल हैं। यह नियम उन लोगों पर लागू होगा, जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2024 या उससे पहले भारत आए थे।

गृह मंत्रालय ने 5 नवंबर को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेम्प्शन) ऑर्डर में संशोधन की अधिसूचना जारी की है। इसमें विदेशी नागरिकों के साथ-साथ भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों के बीच यात्रा से संबंधित कुछ नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। नए प्रावधानों में बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत आए लोगों और जिनके दस्तावेजों की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, उन्हें भी शामिल किया गया है।

तीन पड़ोसी देशों से आए छह समुदायों पर लागू होंगे नियम

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नए इमिग्रेशन नियमों के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए छह गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों को भारत में रहने के लिए वीजा संबंधी प्रावधानों का पालन करना होगा।इन समुदायों में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए है, जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए थे। इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने भारत में प्रवेश करते समय वैध पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेजों का इस्तेमाल नहीं किया था। इसके अलावा ऐसे लोग भी इसके दायरे में आते हैं, जिनके पास मौजूद यात्रा दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी है।

5 नवंबर को गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

गृह मंत्रालय ने 5 नवंबर को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेम्प्शन) ऑर्डर में संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की। इसके जरिए भारत में विदेशी नागरिकों के प्रवेश, रहने और यात्रा से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है।अधिसूचना में भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों के बीच यात्रा से जुड़े प्रावधानों को भी संशोधित किया गया है। सरकार की ओर से किए गए इन बदलावों का उद्देश्य संबंधित श्रेणियों के लोगों की इमिग्रेशन स्थिति को नए नियमों के अनुरूप करना है।

कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को पासपोर्ट रिन्यू कराने से छूट

नए आदेश में पाकिस्तान से आए कुछ नागरिकों के लिए पासपोर्ट संबंधी राहत का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत 31 दिसंबर 2009 या उससे पहले भारत आए कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को अपना पासपोर्ट रिन्यू कराने की अनिवार्यता से छूट दी गई है।यह छूट उन लोगों को मिलेगी, जो भारत में स्थायी रूप से रहने के इरादे से आए थे, लेकिन पाकिस्तान का कंप्यूटरीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र (CNIC) नहीं होने के कारण अपना पासपोर्ट रिन्यू नहीं करा पा रहे हैं।

नए नियमों से प्रभावित लोगों के लिए क्या बदलेगा?

सरकार की नई अधिसूचना के बाद संबंधित श्रेणियों के लोगों को भारत में रहने के लिए लागू वीजा और इमिग्रेशन प्रावधानों का ध्यान रखना होगा। वहीं, निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को पासपोर्ट रिन्यू कराने से राहत मिलेगी।इस बदलाव के बाद भारत में रह रहे संबंधित विदेशी नागरिकों के लिए दस्तावेजों और कानूनी स्थिति से जुड़े नियमों को समझना जरूरी होगा। हालांकि, किसी व्यक्ति पर नियम किस तरह लागू होंगे, यह उसकी नागरिकता, भारत आने की तारीख और अधिसूचना में निर्धारित पात्रता शर्तों पर निर्भर करेगा।