बॉस ने थोड़ा रुक कर काम करने के लिए बोला, लड़की ने दिया ऐसा जवाब, हर कोई कर रहा तारीफ
सोशल मीडिया पर टॉक्सिक वर्क कल्चर और वर्क-लाइफ बैलेंस पर बहस कोई नई बात नहीं है, लेकिन शताक्षी पांडे नाम की लड़की के इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो ने इस मुद्दे को फिर से सामने ला दिया है। वीडियो में लड़की साफ-साफ कहती है कि ओवरवर्क को हार्ड वर्क बताना गलत है। उसने बताया कि ऑफिस से टाइम पर निकलते समय उसके मैनेजर ने उसे एक्स्ट्रा काम देने की कोशिश की, जिसे उसने प्यार से मना कर दिया क्योंकि उसके वर्किंग आवर्स खत्म हो चुके थे।
वायरल वीडियो से बहस क्यों शुरू हुई
शताक्षी ने वीडियो में कहा कि वह टाइम पर निकल रही थी, जल्दी नहीं। जवाब में उसके मैनेजर ने पूरी रात ट्रेन के सफर और लंबे ऑफिस आवर्स की कहानी सुनाई। इससे यह सवाल उठता है कि क्या ओवरवर्किंग प्रोफेशनलिज्म की निशानी है। शताक्षी का कहना है कि अगर कोई इंसान हार्ड वर्क के बाद चैन से खाना भी नहीं खा सकता, तो ऐसी जिंदगी का क्या मतलब है?
इंटरनेट बंटा हुआ
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर रिएक्शन्स की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने शताक्षी की हिम्मत की तारीफ़ की और इसे Gen Z के लिए एक वेक-अप कॉल बताया। एक यूज़र ने लिखा कि उनकी टीम की एक लड़की एक्सीडेंट के बावजूद काम पर आई और मैनेजर ने उसकी तारीफ़ की, जिसे क्लाइंट ने टॉक्सिक कल्चर कहकर बढ़ा दिया। वहीं, कुछ लोग अब भी हसल कल्चर को सफलता की चाबी मानते हैं। आज के कॉर्पोरेट माहौल में मेंटल हेल्थ और वर्क-लाइफ़ बैलेंस बड़े मुद्दे बन गए हैं। यह वायरल वीडियो उन लाखों युवाओं की आवाज़ बन गया है जो काम करना चाहते हैं, लेकिन खुद को खोने की कीमत पर नहीं।