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मेट्रो में दिखी 'How to Kill Men' किताब, वीडियो वायरल होते ही मची हलचल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

 

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मेट्रो में सफर कर रही एक महिला यात्री अपने हाथ में "How to Kill Men" (पुरुषों को कैसे मारें) शीर्षक वाली किताब पढ़ती हुई दिखाई दे रही है। किताब का शीर्षक कैमरे में कैद होते ही वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया और देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वायरल कंटेंट को लेकर नई बहस शुरू हो गई।

वायरल वीडियो में महिला मेट्रो की सीट पर बैठकर किताब पढ़ती नजर आती है। जैसे ही कैमरा किताब के कवर पर फोकस करता है, उस पर लिखा शीर्षक लोगों का ध्यान खींच लेता है। वीडियो शेयर करने वाले यूजर ने मजाकिया अंदाज में कैप्शन लिखा, "एक और जान खतरे में!" इसके बाद यह क्लिप अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा की जाने लगी।

हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि क्या केवल किसी किताब का शीर्षक देखकर उसके उद्देश्य या पाठक की मानसिकता के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित है। कई यूजर्स ने टिप्पणी की कि किताब का नाम आकर्षक या व्यंग्यात्मक हो सकता है और उसकी वास्तविक सामग्री पूरी तरह अलग भी हो सकती है।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे मनोरंजक बताते हुए मजेदार मीम्स और टिप्पणियां साझा कीं। वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह के शीर्षक वाली किताब लोगों का ध्यान स्वाभाविक रूप से आकर्षित करती है, इसलिए इस पर चर्चा होना भी सामान्य है।

दूसरी ओर, कई लोगों ने वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि किसी अनजान यात्री की अनुमति के बिना उसका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर साझा करना निजता का उल्लंघन हो सकता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी व्यक्ति का वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल करने से पहले उसकी गोपनीयता और सहमति का सम्मान किया जाना चाहिए।

डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल कई किताबों के शीर्षक जानबूझकर ऐसे रखे जाते हैं, जो लोगों का ध्यान आकर्षित करें। ऐसे शीर्षक अक्सर मार्केटिंग रणनीति का हिस्सा होते हैं और जरूरी नहीं कि वे किताब की वास्तविक विषय-वस्तु को पूरी तरह दर्शाते हों। इसलिए केवल शीर्षक के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा सकता।

यह पहली बार नहीं है जब मेट्रो से जुड़ा कोई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हो। पिछले कुछ वर्षों में मेट्रो के भीतर यात्रियों के व्यवहार, डांस वीडियो, अजीब गतिविधियों और अन्य घटनाओं से जुड़े कई वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन चुके हैं। ऐसे मामलों ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की निजता और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग पर भी सवाल खड़े किए हैं।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि वायरल संस्कृति के इस दौर में लोग असामान्य या चौंकाने वाली चीजों की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं। इसी कारण ऐसे वीडियो बहुत कम समय में लाखों व्यूज हासिल कर लेते हैं। हालांकि किसी भी घटना को सनसनीखेज बनाने से पहले उसके पूरे संदर्भ को समझना आवश्यक है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस शहर की मेट्रो का है और न ही महिला यात्री की पहचान सार्वजनिक की गई है। वीडियो केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इससे जुड़ी किसी प्रकार की आधिकारिक शिकायत या जांच की जानकारी सामने नहीं आई है।