Terror Network: जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के मददगारों पर शिकंजा, दो गिरफ्तार; चार जिलों में CIK की छापेमारी
जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। श्रीनगर से पुलिस ने आतंकियों के दो कथित मददगारों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान इरशाद अहमद भट और शौकत अहमद रेशी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई एक आतंकी मॉड्यूल की जांच के तहत की गई है, जिसके जरिए महिलाओं को निशाना बनाकर अलगाववादी विचारधारा और उसके प्रचार को बढ़ावा देने का आरोप है।
बांदीपोरा पुलिस ने कहा है कि आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा। सुरक्षा और शांति के खिलाफ गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में पिछले 75 दिनों के दौरान आतंकियों के 30 सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
चार जिलों में CIK की एक साथ छापेमारी
दूसरी ओर, काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) और स्थानीय पुलिस इकाइयों ने सीमा पार से संचालित संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल, ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। इसी अभियान के तहत CIK ने श्रीनगर, बडगाम, पुलवामा और अनंतनाग में छह ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, ये छापेमारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से कथित तौर पर जुड़े सोशल मीडिया आधारित भर्ती नेटवर्क की जांच के सिलसिले में की गई। तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरण और कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
सीमा पार बैठे हैंडलर्स से कनेक्शन की जांच
जांच एजेंसियां जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। इसका उद्देश्य सीमा पार बैठे संदिग्ध हैंडलर्स और स्थानीय सहयोगियों के बीच संभावित संपर्कों का पता लगाना है। इसके साथ ही श्रीनगर के होकेरसर और बडगाम के मागम से जुड़े मामलों के आपसी संबंधों की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां ऑनलाइन गतिविधियों, भर्ती नेटवर्क और फंडिंग से जुड़े पहलुओं को खंगाल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।