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मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव: अमेरिका-सऊदी के हवाई हमले, ईरान की जवाबी मिसाइल कार्रवाई; वीडियो में नेतन्याहू बोले- परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

 

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित माने जाने वाले पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों की तैयारी के लिए किया जा रहा था। इस कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने रास्ते में ही नष्ट कर दिया।

अमेरिका का दावा- हमले आत्मरक्षा में किए गए

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अमेरिकी सेना के अनुसार, खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सेना का कहना है कि PMF से जुड़े कुछ ठिकानों पर ऐसे हथियार और संसाधन मौजूद थे, जिनका इस्तेमाल क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर हमलों के लिए किया जा सकता था। इसी खतरे को देखते हुए हवाई हमले किए गए।PMF को लंबे समय से ईरान समर्थक संगठन माना जाता है और यह इराक में सक्रिय कई सशस्त्र गुटों का गठबंधन है।

PMF ने 10 लड़ाकों की मौत की पुष्टि की

हवाई हमलों के बाद PMF ने एक बयान जारी कर कहा कि उसके 10 लड़ाके मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। संगठन ने हमलों की निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया। हालांकि संगठन ने आगे की रणनीति या संभावित जवाबी कार्रवाई के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

ईरान की जवाबी मिसाइल कार्रवाई

हवाई हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन मिसाइलों का लक्ष्य जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा था। हालांकि अमेरिकी और सहयोगी देशों की वायु रक्षा प्रणालियों ने सभी मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हमले में किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।

व्हाइट हाउस में अहम बैठक

घटनाक्रम के बीच व्हाइट हाउस में अमेरिका और इजराइल के शीर्ष नेतृत्व के बीच उच्चस्तरीय बैठक भी हुई। बैठक के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे अपनी सबसे सफल बैठकों में से एक बताया।नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और इजराइल इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

ताजा घटनाओं के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंकाजताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।फिलहाल अमेरिका, ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को बातचीत के माध्यम से कम करने की अपील कर रहा है।