अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष का 27वां दिन, वीडियो में देंखे तनाव चरम पर, सीजफायर प्रस्ताव खारिज
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव 27वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और कूटनीतिक टकराव के बीच शांति की संभावनाएं फिलहाल बेहद कमजोर नजर आ रही हैं। अमेरिका ने ईरान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को बयान देते हुए कहा कि अगर ईरान ने हार नहीं मानी और अपने रुख में बदलाव नहीं किया, तो उस पर पहले से भी अधिक तीव्र और निर्णायक सैन्य कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं और अमेरिका अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है।
अमेरिकी प्रशासन के इस कड़े रुख ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। वॉशिंगटन लगातार यह संकेत दे रहा है कि वह ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति को और तेज करेगा, जबकि ईरान इसे आक्रामक नीति बताते हुए खारिज कर रहा है। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। तेहरान का स्पष्ट कहना है कि वह किसी भी स्थिति में राष्ट्रपति ट्रम्प की शर्तों पर युद्ध समाप्त नहीं करेगा। ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर भी अविश्वास जताया है और इसे एकतरफा तथा अस्थिर बताया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में किसी भी प्रकार की वास्तविक बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि कुछ देश मध्यस्थता की कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन इन्हें औपचारिक वार्ता की शुरुआत नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, मौजूदा हालात में शांति की कोई ठोस संभावना दिखाई नहीं दे रही है।
ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार दबाव की राजनीति कर रहा है और अपने रुख में बार-बार बदलाव करता है, जिससे किसी भी स्थायी समाधान की उम्मीद कमजोर होती जा रही है। वहीं, अमेरिका का कहना है कि ईरान की नीतियां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और इन्हें रोकना जरूरी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और कूटनीतिक विफलता ने मध्य पूर्व को एक बार फिर बड़े संकट की ओर धकेल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही कोई मध्यस्थ समाधान नहीं निकला, तो स्थिति और अधिक विस्फोटक हो सकती है।