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Telangana Politics: विधानसभा में भावुक हुए स्पीकर गद्दम प्रसाद, दिवंगत मां पर टिप्पणी को लेकर विवाद; MLC टाटा मधु गिरफ्तार

 

तेलंगाना विधानसभा में मंगलवार को एक भावुक कर देने वाला घटनाक्रम देखने को मिला। विधानसभा स्पीकर गद्दम प्रसाद कुमार सदन में अपनी दिवंगत मां को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के मुद्दे पर भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल आए।

यह मामला तब सामने आया, जब मंत्री सीताक्का ने BRS के MLC टाटा मधु की कथित टिप्पणी की निंदा की। सीताक्का ने सदन में स्पीकर के सम्मान और उनकी मां को लेकर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताई। इस दौरान माहौल भावुक हो गया और स्पीकर भी अपने आंसू नहीं रोक सके।

"सीताक्का मुझे राखी बांधती हैं, उनकी आंखों में आंसू देखकर दुख हुआ"

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर गद्दम प्रसाद ने कहा कि MLC टाटा मधु की टिप्पणियां बेहद दुखद हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री सीताक्का पिछले पांच साल से उन्हें राखी बांधती आ रही हैं।

स्पीकर ने कहा कि जब विधानसभा में सीताक्का की आंखों से आंसू बह रहे थे, तो उन्हें बहुत दुख हुआ। उन्होंने कहा कि इसी भावनात्मक स्थिति में उनकी आंखों से भी आंसू निकल आए।

उन्होंने कहा कि इस मामले में विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर उसे विधान परिषद (काउंसिल) को भेजा जाएगा, ताकि मामले पर उचित कार्रवाई हो सके।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने की निंदा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पीकर के अपमान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह घटना तेलंगाना के लिए "काला दिन" है और प्रदेश के करीब 4 करोड़ लोगों का अपमान है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) की बैठक में नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को इस तरह के व्यवहार के लिए उकसाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा और स्पीकर के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया।

टाटा मधु ने आरोपों से किया इनकार

हालांकि, BRS MLC टाटा मधु ने स्पीकर की मां को लेकर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

विवाद बढ़ने के बाद टाटा मधु को मंगलवार को सैफाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

विधानसभा की गरिमा को लेकर बढ़ा विवाद

इस घटना के बाद तेलंगाना की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इसे विधानसभा और संवैधानिक पद की गरिमा से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है, जबकि BRS ने अपने नेता के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।

फिलहाल पुलिस कार्रवाई और विधानसभा में प्रस्ताव की प्रक्रिया के बाद इस मामले में आगे की राजनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है।