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तेल अवीव जा रही फ्लाइट को क्रैश कराना चाहता था पायलट, यात्रियों के साथ हुई हाथापाई: इजरायली मीडिया

 

तेल अवीव, 30 सितंबर (आईएएनएस)। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट को एक पायलट ने क्रैश कराने की कोशिश की थी, हालांकि समय पर यात्रियों और क्रू ने उसे लैंड कराने के लिए राजी कर लिया। स्थानीय मीडिया ने फ्लाइट के यात्रियों से मिली जानकारी और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए ये दावा किया है।

द टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, दूसरे पायलट, क्रू और कुछ यात्रियों ने जोर जबरदस्ती कर पायलट को प्लेन गिराने से रोका। इसके बाद विमान से हाईजैक अलर्ट भेजा गया, जिसके बाद इजरायल ने फाइटर जेट भेजे। विमान ने रास्ता बदलकर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर लैंडिंग की।

पायलट के विमान क्रैश करने की कोशिश के दावे की आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है। हालांकि, इजरायली अधिकारियों ने विमान में पायलटों के बीच हाथापाई की घटना की पुष्टि की है।

एक इजरायली अधिकारी ने 'द यरूशलम पोस्ट' को बताया कि एक "बड़ी दुर्घटना बाल-बाल टल गई"। यह बात तब सामने आई जब ऐसी आशंकाएं बढ़ रही थीं कि एक पायलट ने विमान को जमीन पर गिराने के इरादे से उसे हाईजैक करने की कोशिश की थी। अधिकारी ने 'पोस्ट' को बताया कि फ्लाइट में मौजूद अतिरिक्त क्रू और इजरायली यात्रियों की मदद से पायलट को काबू में किया गया।

फ्लाइट के भीतर शोर शराबा मचा था, और इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई है। इस तस्वीर में अपनी सीट पर बैठे यात्री के टी-शर्ट पर खून के धब्बे देखे जा सकते हैं।

बुधवार सुबह प्लेन से हाइजैकिंग का सिग्नल आने के बाद इजरायल से लेकर दुबई में हड़कंप मच गया था। इसके बाद इजरायल की ओर से कई फाइटर जेट्स को रवाना किया गया, हालांकि बाद में प्लेन को तबूक एयरपोर्ट पर लैंड करवाया गया।

विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक्स पर इसकी जानकारी दी। दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है और फंसे हुए यात्रियों को वापस लाने की तैयारी की जा रही है।

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा से पता चलता है कि उड़ान के दो घंटे पंद्रह मिनट बाद, बोइंग अचानक तेजी से नीचे की ओर (नोज डाइव) गया। इसकी गति 411 नॉट से बढ़कर लगभग 600 नॉट हो गई और यह एक मिनट से भी कम समय में 34,000 फीट से नीचे लगभग 17,000 फीट पर आ गया।

कुछ सेकंड के लिए विमान थोड़ा संभला और 21,650 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा, लेकिन फिर तेजी से नीचे गिरा और इस बार 14,000 फीट से भी नीचे चला गया।

अगले एक घंटे तक विमान एक स्थिर ऊंचाई बनाए रखने में नाकाम रहा, हालांकि यह लगभग 15,000 फीट पर बना रहा। द टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक इससे संकेत मिलता है कि इसे ऑटोपायलट के बजाय हाथ से नियंत्रित किया जा रहा था।

इस बीच इजरायली पीएम समेत सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े शीर्ष अधिकारियों की बैठक भी हुई। ताजा जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब में फंसे यात्रियों को तेल अवीव लेकर आने के लिए फ्लाईदुबई ने दूसरा विमान भेजा है।

--आईएएनएस

केआर/