सीवान फायरिंग मामले पर तेजस्वी का पटना में प्रदर्शन, फुटेज में देंखे बैरिकेडिंग तोड़ी तो वाटर कैनन चला
बिहार के सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले को लेकर बुधवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सड़क पर उतर आए। उन्होंने पटना में जेपी गोलंबर से राजभवन तक करीब 5 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में राजद समर्थक उनके साथ मौजूद रहे। प्रदर्शन में करीब 5 हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च जेपी गोलंबर से शुरू होकर राजभवन की ओर बढ़ा। प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की थी। डाकबंगला चौराहे के पास तेजस्वी यादव और उनके समर्थकों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। समर्थकों के साथ उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी और राजभवन की ओर आगे बढ़ गए।
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इनकम टैक्स चौराहे पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार की। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया। हालांकि करीब एक घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया।हिरासत में लिए जाने से पहले तेजस्वी यादव ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं। तेजस्वी ने कहा कि उनके भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी जेल में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि जो सत्ता में आया है, उसका जाना तय है। इस दौरान उन्होंने सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई AK-47 से फायरिंग के मामले में सरकार से जवाब मांगा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। बताया गया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों की ओर पानी की बोतलें फेंकीं। वहीं, कुछ कार्यकर्ता लकड़ी से बनी AK-47 लेकर भी मार्च में पहुंचे थे। इन प्रतीकात्मक हथियारों के जरिए कार्यकर्ता सीवान में हुई फायरिंग की घटना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की। ASP लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने जवानों को निर्देश दिया कि प्रदर्शन के दौरान झंडे का सम्मान किया जाए और लाठी का इस्तेमाल बेहद समझदारी से किया जाए।
तेजस्वी यादव के मार्च के कारण पटना के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। बड़ी संख्या में समर्थकों के सड़क पर उतरने से जगह-जगह जाम की स्थिति भी बनी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और वाटर कैनन का सहारा लिया।सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष इस घटना को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है। तेजस्वी यादव का सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना इसी विरोध की कड़ी माना जा रहा है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाएगी।