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तेजस्वी को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर घमासान, शाहनवाज बोले—ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है ये पार्टी

 

पटना, 25 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में संगठनात्मक बदलाव और आंतरिक कलह को लेकर सियासत तेज हो गई है। तेजस्वी यादव को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने और उनकी बहन रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्ट पर भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने इसे राजद के पतन की शुरुआत करार देते हुए कहा कि यह फैसला पूरी तरह से परिवारवाद की राजनीति को दर्शाता है।

शाहनवाज हुसैन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जब लालू प्रसाद यादव पार्टी अध्यक्ष थे, तब कई लोग उनके सामाजिक न्याय के एजेंडे पर भरोसा कर उनका समर्थन करते थे, लेकिन तेजस्वी यादव में ऐसी कोई खास राजनीतिक खूबी नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि माता-पिता के प्रेम और पुत्र मोह में लालू यादव ने तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि राजद एक परिवार द्वारा चलाई जाने वाली पार्टी है और इसी वजह से पार्टी के भीतर ही बगावत के सुर उठने लगे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि रोहिणी आचार्य द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से साफ हो गया है कि राजद और लालू परिवार के अंदर गहरी अंतर्कलह है। पार्टी के कार्यकर्ताओं का राजद से विश्वास उठ चुका है और अच्छे व समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

शाहनवाज हुसैन ने तेजस्वी यादव के पिछले विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें इनाम दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव राजद के आखिरी अध्यक्ष साबित होंगे और यह पार्टी ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।

इधर, जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी रोहिणी आचार्य के ट्वीट को लेकर राजद और लालू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स पोस्ट के जरिए लालू यादव को राजनीतिक रूप से अमान्य घोषित कर दिया है। नीरज कुमार के मुताबिक, पोस्ट में लालू यादव को ‘इनवैलिड पॉलिटिशियन’ और सिर्फ एक कठपुतली करार दिया गया है, जो यह दर्शाता है कि परिवार के भीतर ही उनके नेतृत्व को चुनौती दी जा रही है।

नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल अब बीती हुई कहानी बन चुका है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि तेजस्वी यादव को पारिवारिक कलह का मुखिया बना दिया गया है, लेकिन बिहार की जनता और खुद राजद के कार्यकर्ता उन्हें स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।

इससे पहले रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर पोस्‍ट में लिखा, "सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और "गिरोह-ए-घुसपैठ" को उनके हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक ..।"

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी