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तरंग शक्ति: भारतीय आसमान में एफ-35 के साथ भारतीय लड़ाकू विमान

 

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। पहली बार अमेरिकी वायुसेना के एफ-35ए लाइटनिंग स्टेल्थ लड़ाकू विमानों ने भारत में किसी सैन्य अभ्यास के दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों के साथ प्रशिक्षण किया है। बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में भारत और अमेरिका की वायु सेनाओं के बीच सहयोग का यह महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला है। राजस्थान के जोधपुर में चल रहे बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में भारत और अमेरिका की वायु सेनाओं के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला है।

पहली बार अमेरिकी वायुसेना के एफ-35ए लाइटनिंग स्टेल्थ लड़ाकू विमानों ने भारत में किसी सैन्य अभ्यास के दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों के साथ नजर आए हैं। अमेरिकी एफ-35ए अपनी स्टेल्थ क्षमता और अत्याधुनिक युद्ध प्रणालियों के लिए जाना जाता है। जोधपुर में इन अमेरिकी विमानों की मौजूदगी के साथ भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान भी अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। इससे दोनों देशों के वायु सैनिकों को वास्तविक अभ्यास के दौरान एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, संचालन प्रक्रियाओं और युद्धक अनुभव को समझने का अवसर मिल रहा है।

‘तरंग शक्ति-2026’ 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर वायुसेना स्टेशन में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास की विषय-वस्तु ‘साझेदारी में शक्ति’ है। इसका जोर अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं को साथ लेकर प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और आपसी संचालन क्षमता बढ़ाने पर है। इस अभ्यास में अमेरिका के अलावा ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायु सेनाएं भी अपने विमानों के साथ हिस्सा ले रही हैं। अभ्यास में एफ-35, राफेल, एफ-16, ए400एम, एमआरटीटी, सी-130 और सी-130जे जैसे आधुनिक लड़ाकू, परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमान शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना के लिए इस अभ्यास का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहां अलग-अलग देशों के अत्याधुनिक विमानों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है। अभ्यास के दौरान चालक दल, मिशन की योजना बनाने वाले अधिकारी और जमीन पर काम करने वाले तकनीकी दल भी एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा कर रहे हैं। एफ-35ए की भारत में इस अभ्यास के दौरान भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह विमान पहले भारत में एयरो शो के दौरान दिखाई दे चुका है, लेकिन ‘तरंग शक्ति’ में इसकी सैन्य अभ्यास के रूप में पहली भागीदारी हुई है।

जोधपुर के आसमान में एफ-35ए और भारतीय लड़ाकू विमानों का साथ होना विमानों का अभ्यास नहीं है। यह दोनों देशों के वायु सैनिकों के बीच व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और संचालन के स्तर पर तालमेल बढ़ाने का अवसर भी है। ‘तरंग शक्ति-2026’ इसी व्यापक सहयोग को आगे बढ़ाने का मंच बन रहा है। अभ्यास के जरिए भारतीय और अमेरिकी वायुसेना को एक-दूसरे की क्षमताओं और संचालन शैली को करीब से समझने का मौका मिल रहा है। इससे भविष्य में संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य सहयोग के लिए अनुभव का आधार तैयार होता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी