'तमिल थाई वजथु' को लेकर पुरानी परंपरा जारी रहेगी...सीपीआई की आपत्ति पर टीवीके का जवाब
चेन्नई, 10 मई (आईएएनएस)। तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) नेता और मंत्री आधव अर्जुन का बयान ने कहा कि 'नीरा रूम कदलुदुथा'... से शुरू होने वाला तमिल स्तुति गीत एक सदी से भी अधिक पुराने इतिहास का गौरव समेटे हुए है। 'इसे विश्वभर में फैलाना चाहिए' के आदर्श को आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु सरकार ने इसे राज्य गीत घोषित किया। तमिलनाडु में आयोजित सरकारी समारोहों और अन्य कार्यक्रमों में यह प्रतिष्ठित 'तमिल थाई वजथु' हमेशा सर्वप्रथम बजाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान बजाया जाता है। यह एक प्रथागत और उचित तरीका रहा है। टीवीके का यह बयान कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें पार्टी ने 'वंदे मातरम' को 'तमिल थाई वजथु' (तमिल राज्य गीत) से पहले बजाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में तमिलगा वेट्री कजगम के नेतृत्व में गठित नई सरकार की इस दीर्घकालिक प्रथा के संबंध में कोई असहमति नहीं है। हालांकि, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के नेतृत्व में आयोजित मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में, 'वंदे मातरम' सर्वप्रथम बजाया गया, उसके बाद राष्ट्रगान और फिर 'तमिल थाई वजथु' बजाया गया।
अर्जुन ने कहा कि यह नई प्रथा तमिलनाडु की परंपराओं के अनुरूप नहीं है। तमिलगा वेट्री कजगम के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार तमिलनाडु में तीसरे गीत के रूप में तमिल थाई वज़थु बजाए जाने से सहमत नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब हमने राज्यपाल कार्यालय को इस पर कड़ा विरोध जताया, तो हमें बताया गया कि राज्यपाल केंद्र सरकार द्वारा जारी एक नए परिपत्र के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य हैं। उस अपरिहार्य परिस्थिति के कारण, 'तमिल थाई वजथु' को तीसरे गीत के रूप में बजाया गया। हालांकि, भविष्य में इस नई प्रथा का पालन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, पुरानी परंपरा जारी रहेगी - कार्यक्रमों की शुरुआत में 'तमिल थाई वजथु' बजाया जाएगा और अंत में राष्ट्रगान।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि भारत के हर राज्य में आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत में संबंधित राज्य की भाषा में मंगलाचरण गीत बजाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को इस संबंध में उचित कदम उठाने चाहिए। यह तमिलनाडु की जनता की सामूहिक भावना और एकजुट मत है। यह हमारा दृढ़ संकल्प भी है। सत्य की ही विजय होगी! तमिल भाषा अमर रहे!
बता दें कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने इस सरकारी कार्यक्रम में 'वंदे मातरम' को 'तमिल थाई वजथु' (तमिल राज्य गीत) से पहले बजाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। सीपीआई का साफ कहना है कि किसी भी सरकारी समारोह में सबसे पहला स्थान राज्य के गीत को ही मिलना चाहिए और यह तमिलनाडु की पुरानी परंपरा का खुला अपमान है।
--आईएएनएस
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