तमिलनाडु उपचुनाव: मदुरांतकम और धारापुरम में किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करेगी पीएमके
चेन्नई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करेगी। पीएमके अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।
दोनों आरक्षित विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है। पीएमके पहले ही घोषणा कर चुकी है कि पार्टी इन दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी।
अंबुमणि रामदास ने एक बयान में कहा कि उपचुनाव में किस पार्टी का समर्थन किया जाए, इस मुद्दे पर पीएमके के प्रदेश पदाधिकारियों और दोनों विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित जिलों के पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। विचार-विमर्श के बाद मदुरांतकम और धारापुरम उपचुनाव में किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करने का फैसला लिया गया है।
चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू हुई और 16 सितंबर तक चली। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को हुई, जबकि 19 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
मदुरांतकम और धारापुरम सीटें एआईएडीएमके विधायकों मरगथम कुमारवेल और सत्यबामा के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थीं। दोनों ने बाद में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) का दामन थाम लिया था।
दोनों सीटों के उपचुनाव को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्तारूढ़ टीवीके के लिए ये चुनाव सरकार बनने के बाद उसकी लोकप्रियता की अहम परीक्षा के रूप में देखे जा रहे हैं।
वहीं, विपक्षी दल डीएमके, एआईएडीएमके और भाजपा भी दोनों सीटों पर अपनी चुनावी रणनीति तैयार कर रही हैं। एआईएडीएमके के लिए ये उपचुनाव इसलिए भी अहम हैं क्योंकि दोनों सीटें उसके विधायकों के इस्तीफे के कारण खाली हुई थीं।
मदुरांतकम और धारापुरम उन सात विधानसभा सीटों में शामिल हैं, जो खाली हुई थीं। हालांकि, तिरुचि ईस्ट, अंबासमुद्रम, विरालीमलाई, पेरुंदुरई और करूर सीटों से संबंधित चुनावी मामले लंबित होने के कारण इन पांच सीटों पर फिलहाल उपचुनाव की घोषणा नहीं की गई है।
ऐसे में पीएमके का मदुरांतकम और धारापुरम में चुनाव नहीं लड़ने के साथ किसी अन्य राजनीतिक दल को समर्थन नहीं देने का फैसला दोनों सीटों के चुनावी समीकरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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