पीएमके अध्यक्ष का तमिलनाडु सरकार पर निशाना, बोले- पल्लवन इल्लम में सचिवालय बनाना चौंकाने वाली बात
तमिलनाडु, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास की ओर से तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधा गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें आ रही हैं कि तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई के पट्टिनापक्कम में हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर नया सचिवालय बनाने का अपना फैसला छोड़ दिया है। इसके बजाय सरकार ने इसे अन्ना सलाई स्थित 'पल्लवन इल्लम' की जगह पर बनाने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि एक हफ्ते के भीतर इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो सकती है, जो कि बेहद चौंकाने वाली बात है।
उन्होंने कहा, "तमिलनाडु सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पल्लवन इल्लम में सचिवालय बनाने को लेकर मीडिया में आ रही खबरें सच हैं या नहीं। अगर ये खबरें सही हैं तो पट्टिनापक्कम में सचिवालय न बनाने का फैसला स्वागत योग्य है। इसे पल्लवन इल्लम में बनाने का फैसला कहीं ज्यादा गलत और अनुचित होगा।"
डॉ. अंबुमणि रामदास ने कहा, "पट्टिनापक्कम में नया सचिवालय न बनाने के कई कारण और तर्क हैं। वहीं, पल्लवन इल्लम में इसे न बनाने के तो उससे कहीं ज्यादा ठोस कारण मौजूद हैं। अगर चेन्नई में सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम वाले इलाकों की सूची बनाई जाए तो पल्लवन इल्लम के आसपास का इलाका टॉप 3 में शामिल होगा। चेन्नई की मुख्य सड़कों में से एक, अन्ना सलाई, पर पहले से ही भारी ट्रैफिक जाम की समस्या है। अगर नया सचिवालय पल्लवन इल्लम में बनाया जाता है तो अन्ना सलाई पर ट्रैफिक को नियंत्रित करना लगभग असंभव हो जाएगा।"
डॉ. अंबुमणि रामदास ने कहा, "पल्लवन इल्लम, जहां नया सचिवालय बनाने का प्रस्ताव है, कूवम नदी के किनारे स्थित है। वहां 20 लाख वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप एरिया) वाला सचिवालय बनाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही, पल्लवन इल्लम के दक्षिण में अन्ना सलाई, पूर्व में पल्लवन सलाई, पश्चिम में कूवम नदी, और उत्तर में सेंट मैरी वॉर सिमेट्री (युद्ध कब्रिस्तान) तथा बॉडीगार्ड मुनीश्वरर मंदिर स्थित हैं। चारों तरफ इन सीमाओं के होने के कारण, भविष्य में सचिवालय का विस्तार करना भी लगभग असंभव होगा।"
उन्होंने कहा, "पट्टली मक्कल काची (पीएमके) फिर से यह कहना चाहती है कि तमिलनाडु को 25 वर्षों से भी अधिक समय से एक नए सचिवालय की आवश्यकता है। इस पुरानी मांग को पूरा करने के लिए इसका निर्माण जल्द से जल्द शुरू होकर पूरा हो जाना चाहिए। इस संबंध में, पीएमके नए सचिवालय के निर्माण का पूरा समर्थन करती है। हालांकि, इसे एक बड़ी जगह पर बनाया जाना चाहिए, जिसमें सभी जरूरी सुविधाएं हों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक दूरदर्शी सोच के साथ इसका निर्माण किया जाए।"
उन्होंने आगे कहा, "विधानसभा में नए सचिवालय के निर्माण का प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा था कि इस नए परिसर को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यह अगले 100 वर्षों की जरूरतों को पूरा कर सके। मुख्यमंत्री की इस सोच को हकीकत में बदलने के लिए, न तो पट्टिनापक्कम और न ही पल्लवन इल्लम, कोई भी जगह उपयुक्त नहीं है। यही कारण है कि पीएमके लगातार यह मांग कर रही है कि चेन्नई के बाहर कम से कम 500 से 1,000 एकड़ की जगह पर एक एकीकृत प्रशासनिक शहर विकसित किया जाए, जिसमें सचिवालय भी शामिल हो। इस दीर्घकालिक दृष्टिकोण को अपनाने के बजाय, तमिलनाडु सरकार एक के बाद एक गलतियां करती दिख रही है; पहले उसने पट्टिनापक्कम का प्रस्ताव रखा, और जब उस पर विरोध हुआ, तो अब वह पल्लवन इल्लम पर विचार कर रही है।"
डॉ. अंबुमणि रामदास ने कहा, "तमिलनाडु सरकार को नए सचिवालय के निर्माण के मुद्दे पर खुले दिमाग और दूरदर्शी सोच के साथ काम करना चाहिए। मेरी सरकार से अपील है कि वह पीएमके के प्रस्ताव के अनुसार, चेन्नई के बाहर ही नए सचिवालय का निर्माण कराए।"
--आईएएनएस
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