तमिलनाडु: मरियम्मन मंदिर में थीमिथी उत्सव पर उमड़ी भीड़, श्रद्धालुओं ने अंगारों पर चलकर पूरी की मन्नतें
नमक्कल, 5 नवंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में नमक्कल जिले के रासीपुरम स्थित प्रसिद्ध नित्या सुमंगली मरियम्मन मंदिर में पारंपरिक थीमिथी (अग्नि पर चलने) उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और देवी मरियम्मन के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए अग्नि पर चलकर मन्नतें पूरी कीं।
रासीपुरम के इस प्रसिद्ध मंदिर में हर साल तमिल कैलेंडर के ऐप्पासी महीने में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी 20 अक्टूबर को देवी को फूल अर्पित करने के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ। इसके बाद कई दिनों तक मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उत्सव के दौरान अलग-अलग संगठनों की ओर से प्रतिदिन मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। साथ ही देवी की विशेष पूजा-अर्चना और शोभायात्राएं निकाली गईं। इन आयोजनों में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्सव के दौरान नेर्थिकातन (मन्नत पूरी होने पर किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठान) में भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।
उत्सव का मुख्य आकर्षण थीमिथी कार्यक्रम रहा, सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। पीले वस्त्र धारण किए एक हजार से अधिक पुरुषों और महिलाओं ने हाथों में नीम की पत्तियां लेकर देवी मरियम्मन की आराधना की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ नंगे पैर जलते अंगारों पर चलकर अपनी मन्नतें पूरी कीं।
इस धार्मिक आयोजन में रासीपुरम के अलावा आसपास के गांवों और क्षेत्रों से भी एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालु देवी के जयकारे लगाते हुए अग्नि पर चलते नजर आए।
इस बीच, थीमिथी उत्सव के दौरान एक युवक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उसने अपने सिर पर मुकुट पहन रखा था और हाथ में अभिनेता विजय की तस्वीर के साथ एक राजनीतिक दल का झंडा लेकर अग्नि पर चला। उसकी इस अनोखी भागीदारी ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
पारंपरिक रीति-रिवाजों और गहरी धार्मिक आस्था के साथ संपन्न हुआ यह उत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
--आईएएनएस
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