तलोजा जेल में 50 वर्षीय कैदी अजय सावंत की संदिग्ध मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, जेल अधीक्षक को जारी किया नोटिस
नवी मुंबई, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। नवी मुंबई के तलोजा मध्यवर्ती कारागृह में 50 वर्षीय कैदी अजय अशोक सावंत की संदिग्ध मौत के मामले में महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने जेल अधीक्षक को नोटिस जारी कर 23 फरवरी 2027 को सुबह 11 बजे आयोग के समक्ष उपस्थित होने और दो प्रतियों में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला 1 सितंबर 2026 का है। शिकायत के अनुसार अजय अशोक सावंत पिछले तीन साल से तळोजा जेल में सजा काट रहे थे और उनकी सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद जेल में बंद कैदियों की सुरक्षा और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सहकार सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष बालासाहेब शिंदे ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मौत की जिम्मेदारी से बचने के लिए जेल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने से पहले ही मृत घोषित करने या उपचार के दौरान मौत दिखाने का प्रयास किया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के मुताबिक सावंत का शव पहले वाशी महानगरपालिका अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद परिजनों और मनसे पदाधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए वाशी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। दंडाधिकारी की मौजूदगी में पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंबई के जे.जे. अस्पताल भेजा गया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष से ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
शिकायतकर्ता संगठन ने 2 सितंबर को राज्य मानवाधिकार आयोग के साथ-साथ मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री, ठाणे जिलाधिकारी, कारागार महानिरीक्षक और नवी मुंबई पुलिस आयुक्त को भी पत्र लिखकर उच्चस्तरीय दंडाधिकारी जांच की मांग की थी।
इसी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए.एम. बादर ने तलोजा जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि तय समय में रिपोर्ट नहीं देने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में तलोजा मध्यवर्ती कारागृह के अधीक्षक सुप्रीम टंडन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
वहीं, मनसे सहकार सेना ने मांग की है कि सिर्फ इस मामले की ही नहीं, बल्कि वर्ष 2024 से अब तक तलोजा जेल में हुई सभी कैदियों की मौतों की गहन जांच कराई जाए। प्रदेश उपाध्यक्ष बालासाहेब शिंदे ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं या जेल प्रशासन की लापरवाही से, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदारी तय हो सके।
--आईएएनएस
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