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ताकाइची चाहती हैं स्नैप इलेक्शन, चीन से मिल रही चुनौती के बीच लोकप्रियता को भुनाना मकसद या परंपरा अहम

 

टोक्यो, 11 जनवरी (आईएएनएस)। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची संभवतः सामान्य चुनाव समय से पहले बुला सकती हैं, ऐसा उनके गठबंधन सहयोगी ने रविवार को कहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वे फरवरी में चुनाव कराने पर विचार कर सकती हैं।

यह चुनाव ताकाइची के लिए पहली बार मतदाताओं के सामने जाने का मौका होगा, क्योंकि वे अक्टूबर 2025 में प्रधानमंत्री बनीं थीं और उनकी लोकप्रियता रेटिंग अच्छी है।

उनके गठबंधन सहयोगी हिरोफुमि योशिमुरा, जो जापान इनोवेशन पार्टी (जेआईपी) के नेता हैं, ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को ताकाइची से मुलाकात की थी और लगता है उनकी सोच अब चुनाव के समय को लेकर “नए चरण” में है।

योशिमुरा ने कहा, "अगर वे चुनाव की घोषणा करती हैं तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा," हालांकि उन्होंने विशिष्ट तारीखों पर चर्चा नहीं की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ताकाइची 8 फरवरी या 15 फरवरी को चुनाव कराने पर विचार कर रही हैं।

ताकाइची ने सार्वजनिक टीवी एनएचके के साथ साक्षात्कार में किसी भी तारीख की पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि उन्होंने अपने मंत्रिमंडल को वित्त वर्ष के बजट को समय पर लागू करने और पारित कराने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा, विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर फरवरी में चुनाव हुआ तो बजट पारित करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि संसद 23 जनवरी को फिर से खुलने वाली है। द जापान टाइम्स ने विश्लेषकों के हवाले से कहा है कि फिलहाल ये कदम किसी गैंबलिंग से कम नहीं है।

ताकाइची द्वारा समय से पहले चुनाव कराने के पीछे कई राजनीतिक, रणनीतिक और प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं।

सबसे बड़ा कारण लोकप्रियता का सही समय पर इस्तेमाल माना जा रहा है। ताकाइची जब से प्रधानमंत्री बनी हैं, उनकी सार्वजनिक स्वीकार्यता और समर्थन स्तर अपेक्षाकृत मजबूत बताए जा रहे हैं। महंगाई अहम मुद्दा है, लेकिन डिफेंस को लेकर जो उनका रवैया है उसे लोगों का समर्थन मिल रहा है। ऐसे में वे चाहेंगी कि जनता के सकारात्मक मूड का लाभ उठाकर ताजा जनादेश हासिल किया जाए, ताकि आगे के फैसलों के लिए उनकी स्थिति और मजबूत हो सके।

दूसरा अहम कारण पार्टी और गठबंधन की स्थिरता है। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर गुटबाजी और भविष्य की नेतृत्व प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, एक चुनाव जीतकर ताकाइची अपने नेतृत्व को वैधता और मजबूती देना चाहेंगी। इससे गठबंधन सहयोगियों पर उनकी पकड़ भी बढ़ेगी।

तीसरा कारण आर्थिक और बजटीय एजेंडा हो सकता है। जापान इस समय महंगाई, कमजोर येन और रक्षा खर्च बढ़ाने जैसे मुद्दों से जूझ रहा है। समय से पहले चुनाव जीतने की स्थिति में सरकार को बजट और आर्थिक सुधारों को बिना बड़े राजनीतिक विरोध के आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। हाल ही में उन्होंने एनएचके से साक्षात्कार में कहा, “मैं चाहती हूं कि जनता को ताकाइची कैबिनेट की आर्थिक नीतियों और ऊंची कीमतों से निपटने के उपायों का असर जल्द से जल्द महसूस हो।”

चौथा कारण विपक्ष की कमजोर स्थिति भी है। विपक्षी दल अभी पूरी तरह संगठित या चुनावी तौर पर तैयार नहीं माने जा रहे। ऐसे समय में चुनाव कराने से सत्तारूढ़ गठबंधन को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

एक और वजह अंतरराष्ट्रीय और सुरक्षा चुनौतियां हो सकती हैं। चीन, उत्तर कोरिया और क्षेत्रीय सुरक्षा मसलों पर कड़े फैसलों के लिए ताकाइची एक मजबूत जनादेश चाह सकती हैं, ताकि विदेश और रक्षा नीति में उन्हें राजनीतिक बाधाओं का सामना न करना पड़े।

अंत में, जापानी राजनीति में यह एक स्थापित परंपरा भी रही है कि नए प्रधानमंत्री अक्सर जल्दी चुनाव कराकर अपनी सरकार को जनता की मुहर दिलवाते हैं। ताकाइची भी इसी राजनीतिक परंपरा का पालन करते हुए समय से पहले चुनाव का रास्ता चुन सकती हैं।

--आईएएनएस

केआर/