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दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामले 8 गुना बढ़े, वीडियो में जाने 20 अगस्त तक 1,777 केस; जानें H1N1 क्या है और कैसे फैलता है

 

दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अगस्त तक राजधानी में H1N1 के 1,777 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पिछले साल इसी अवधि तक सिर्फ 229 मामले सामने आए थे। यानी एक साल के भीतर मामलों की संख्या करीब आठ गुना बढ़ गई है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों के बीच H1N1 को लेकर जागरूकता और सावधानी जरूरी हो गई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के मुताबिक H1N1, इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक प्रकार है। यह H3N2 समेत इन्फ्लूएंजा के दूसरे वायरस के साथ भी फैल सकता है। संक्रमण मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और इसके लक्षण सामान्य फ्लू या रेस्पिरेटरी इंफेक्शन जैसे हो सकते हैं।

H1N1 इन्फ्लूएंजा क्या है?

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H1N1 एक संक्रामक बीमारी है, जो इन्फ्लूएंजा A H1N1 वायरस के कारण होती है। इसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू भी कहा जाता है। वायरस मुख्य रूप से नाक, गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली सांस की बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने और उसके बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी वायरस शरीर में पहुंच सकता है।

H1N1 के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

H1N1 संक्रमण के लक्षण कई बार सामान्य फ्लू जैसे ही दिखाई देते हैं। इनमें अचानक बुखार आना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना और शरीर में दर्द शामिल हो सकते हैं। कुछ लोगों को सिरदर्द, ठंड लगना और अत्यधिक थकान भी महसूस हो सकती है।बच्चों में कुछ मामलों में उल्टी या दस्त जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि हर संक्रमित व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

अधिकांश स्वस्थ लोगों में फ्लू का संक्रमण इलाज और आराम के साथ ठीक हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर होने का खतरा ज्यादा रहता है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।यदि बुखार या सांस से जुड़ी परेशानी लगातार बनी रहती है, सांस लेने में कठिनाई होती है या मरीज की हालत बिगड़ती नजर आती है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना जरूरी है। गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

H1N1 समेत फ्लू वायरस से बचाव के लिए नियमित रूप से हाथ धोना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढंकना और बीमार व्यक्ति के बहुत करीब जाने से बचना उपयोगी उपाय हैं। बीमारी के लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना भी संक्रमण का प्रसार कम करने में मदद करता है।भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार फ्लू वैक्सीनेशन पर विचार करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।दिल्ली में एक साल के भीतर H1N1 मामलों में हुई करीब आठ गुना बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। हालांकि, केवल मामलों की संख्या बढ़ने से हर मरीज में बीमारी गंभीर होगी, ऐसा नहीं है। सही समय पर पहचान, चिकित्सकीय सलाह और जरूरी सावधानी से संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।