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मुसलमानों से देशभक्ति का प्रमाण मांगना गलत, स्वतंत्रता संग्राम में बड़ी रही भूमिका : मौलाना साजिद रशीदी

 

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने देशवासियों को स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सभी लोगों को याद करने की अपील की।

मौलाना रशीदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने अपनी जान कुर्बान की और उन्हें याद करना जरूरी है। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो मुसलमानों से देशभक्ति या राष्ट्रप्रेम का प्रमाण मांगते हैं।

रशीदी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में मुसलमानों की कुर्बानियां बेहद महत्वपूर्ण थीं। उन्होंने कहा कि आजादी का दिन हर भारतीय के लिए खुशी और गर्व का अवसर है। साथ ही, उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के लोगों ने योगदान दिया था।

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़े सवाल पर रशीदी ने कहा कि दोनों देश के सम्मान का विषय हैं और राष्ट्रगीत का अपमान नहीं होना चाहिए। देश के झंडे और राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। किसी व्यक्ति पर राष्ट्रगीत गाने के लिए दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। किसी की धार्मिक आस्था के खिलाफ जबरन कुछ थोपना उचित नहीं है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं होने के सवाल पर रशीदी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जरूरी है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस पूरे देश का पर्व है। उनके मुताबिक, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ऐसे राष्ट्रीय समारोहों में मौजूद रहना उचित है।

नफरत फैलाने वाले बयानों और मॉब लिंचिंग पर उन्होंने कहा कि केवल बयान देने के बजाय सरकार को कार्रवाई भी करनी चाहिए। रशीदी ने कहा कि यदि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो, तो देश में बन रहा माहौल काफी हद तक सुधर सकता है।

पाकिस्तान के साथ तनाव और सिंधु जल समझौते को लेकर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत की ताकत को कम करके नहीं आंकना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए रशीदी ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है और पाकिस्तान को किसी तरह की गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी