दिग्विजय दिवस : स्वामी विवेकानंद के शब्द आज भी दुनिया में गूंजते हैं, पीएम मोदी समेत मुख्यमंत्रियों ने किया नमन
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनए)। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक 'शिकागो उद्बोधन' की 133वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई मुख्यमंत्रियों ने उन्हें नमन किया है। यह दिन हर वर्ष 'दिग्विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट में कहा, "11 सितंबर 1893, शिकागो। स्वामी विवेकानंद के मनमोहक भाषण ने भारत की सभ्यतागत संस्कृति की झलक पेश की। उनके प्रेरणादायक शब्द आज भी पूरी दुनिया में गूंजते हैं।"
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, "शिकागो में स्वामी विवेकानंद द्वारा किया गया ऐतिहासिक भाषण दुनिया को भारत की संस्कृति का दर्शन कराता है। हर भारतीय के लिए यह एक प्रेरणा का स्रोत है। 'दिग्विजय दिवस' के अवसर पर स्वामी विवेकानंद को कोटि-कोटि नमन।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा, "शिकागो धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद का ओजस्वी उद्बोधन भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा, आध्यात्मिक दृष्टि और मानवीय मूल्यों की विराट अभिव्यक्ति थी, जिसने विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया। स्वामी जी ने भारत की सर्वसमावेशी विचारधारा और 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना को विस्तार प्रदान करते हुए विश्व को शांति, सद्भाव और मानव-एकता का मार्ग दिखाया। आज ऐतिहासिक 'शिकागो उद्बोधन' की 133वीं वर्षगांठ पर सभी को हार्दिक बधाई। उनके द्वारा प्रस्तुत सनातन संस्कृति की मानवतावादी दृष्टि युगों-युगों तक विश्व का मार्गदर्शन करती रहेगी।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में कहा, "पूज्य स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक 'शिकागो उद्बोधन' की 133वीं वर्षगांठ पर उन्हें कोटिशः नमन! 1893 में विश्व धर्म संसद में उनके द्वारा कहे गए शब्द "मेरे अमेरिकी भाइयो और बहनो" ने न केवल भारत के सार्वभौमिक सहिष्णुता के संदेश को विश्व पटल पर स्थापित किया, बल्कि समूची मानवता को एकता का नया मार्ग भी दिखाया। आइए, उनके ओजस्वी विचारों को आत्मसात कर सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र निर्माण का संकल्प लें।"
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, "दिग्विजय दिवस! सन् 1893 में आज ही के दिन स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्म संसद में अपने ओजस्वी विचारों से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का गौरव पूरे विश्व के सामने स्थापित किया था। उनका संदेश आज भी भारत की ज्ञान, संस्कृति और मानवता की महान परंपरा का प्रतीक है।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट किया, "भारत की आध्यात्मिक चेतना के विश्वदूत, युगद्रष्टा एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के 133वें दिग्विजय दिवस पर शत्-शत् नमन। वर्ष 1893 में शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में आपके ओजस्वी संबोधन ने विश्व को भारत की सनातन संस्कृति की उदारता, सहिष्णुता और मानव कल्याण की महान परंपरा से परिचित कराया। आपके विचारों ने भारतीय आध्यात्मिक चिंतन को वैश्विक मंच पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की और समस्त मानवता को एकता, बंधुत्व एवं सद्भाव का संदेश दिया। आपका जीवन और विचार आज भी प्रत्येक भारतीय, विशेषकर युवा शक्ति को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और मानव कल्याण के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।"
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पोस्ट में कहा, "विश्व के आध्यात्मिक पटल पर भारत की सनातन चेतना का तेजस्वी उद्घोष करने वाले युगपुरुष स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन को नमन। 11 सितंबर 1893 को शिकागो की धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद जी के ओजस्वी संबोधन ने भारत की आध्यात्मिक विरासत, सहिष्णुता और “वसुधैव कुटुंबकम्” की महान भावना को विश्व के समक्ष प्रतिष्ठित किया। उनके शब्दों में वाणी का ओज और भारत की सनातन आत्मा, ज्ञान की दिव्य परंपरा व मानवता के कल्याण का विराट संकल्प निहित था। आज भी उनका वह अमर संदेश हमारी चेतना को उद्बुद्ध करता है और राष्ट्र सेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। स्वामी विवेकानंद जी को कोटि-कोटि नमन।"
गुजरात के उप मुख्यंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर पोस्ट किया, "11 सितंबर 1893 के दिन स्वामी विवेकानंद जी द्वारा शिकागो मे सनातन धर्म व संस्कृति की पताका विश्व पटल पर फहराने के पावन दिन "दिग्विजय दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं।"
--आईएएनएस
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