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मुझे मछली पकड़ना उतना ही पसंद है, जितना मछली खाना : दिलीप घोष

 

कोलकाता, 10 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और नई सरकार के गठन के बाद, रविवार को कोलकाता में 'मछली उत्सव' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवनियुक्त मंत्री और भाजपा विधायक दिलीप घोष तथा भाजपा विधायक तापस रॉय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मुझे मछली पकड़ना उतना ही पसंद है, जितना कि मछली खाना। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल में उत्पादित मछली और चावल बंगाल के लोगों को उपलब्ध हो।

मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि यहां एक 'माछ-भात' कार्यक्रम आयोजित किया गया। ममता बनर्जी ने यह कहकर एक राजनीतिक चाल चली कि बंगाली लोगों को माछ-भात खाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आज भी, बंगाल मछली का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, लेकिन बंगाल में मछली का उत्पादन कम है। हमें आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से मछली मंगानी पड़ती है। मैं सिलीगुड़ी गया था और मैंने खुद यह देखा। ऐसा क्यों हो रहा है। अगर बंगाल के लोग मछली खाते हैं, तो फिर इसका उत्पादन यहां क्यों नहीं होता। अगर लोग चावल खाते हैं, तो चावल का उत्पादन यहां होता है। 15 साल के शासन में, वे यह सुनिश्चित नहीं कर पाए हैं कि बंगाल के लोगों को बंगाल की ही मछली मिले। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल में उत्पादित मछली और चावल बंगाल के लोगों को उपलब्ध हों।

दूसरी ओर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिलीप घोष ने लिखा कि मुझे मछली पकड़ना उतना ही पसंद है, जितना कि मछली खाना। आज, उत्तरी कोलकाता में एमहर्स्ट स्ट्रीट से सटे इलाके में, भाजपा की जीत का जश्न मनाने के लिए एक थाली में मछली-चावल खाने का एक उत्सव-कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस राज्य के लोग अब ज्यादा मछली खा पाएंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि मछली का उत्पादन बढ़ेगा और लोगों की आय भी बढ़ेगी, जिससे उनकी खरीदने की क्षमता में भी वृद्धि होगी।

उन्होंने टीएमसी पर तंज कसते हुए लिखा कि अब तक, केवल टीएमसी के नेता ही जनता के पैसे से अपनी जेबें भरकर अच्छी और महंगी मछली खाने का खर्च उठा पाते थे। लेकिन अब से, जब जबरन वसूली और 'कट-मनी' का दौर खत्म हो जाएगा, तो जनता का पैसा जनता के पास ही वापस आएगा। तब हर कोई अच्छी मछली खा पाएगा।

भाजपा से नव-निर्वाचित विधायक तापस रॉय ने कहा कि मैं ममता बनर्जी से पूछना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल में मछली की इतनी ज्यादा मांग है, लेकिन आपने इसके लिए क्या किया है? कुछ भी नहीं। अगर बंगाल के बाहर, भाजपा शासित राज्यों से मछली और अंडे न आएं, तो हम उन्हें खा भी नहीं सकते। एक और मुद्दा यह है कि लोगों के पास नौकरियां नहीं हैं और कोई रोजगार भी नहीं है। भाजपा सरकार में रोजगार दिलाने का कार्य तेजी से किया जाएगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम