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सूरत में सात टन सब्जियों और हरी घास से बनाई गणेश प्रतिमा, उत्सव के बाद 1,000 गायों को खिलाया जाएगा महाप्रसाद

 

सूरत, 20 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के सूरत में सत्य सेवा जीवदया ट्रस्ट ने एक अनोखी पहल करते हुए करीब 7 टन सब्जियों और हरी घास से 100×50 फीट की गणेश प्रतिमा तैयार की है। उत्सव संपन्न होने के बाद इन सब्जियों और हरी घास को करीब 1,000 गायों को महाप्रसाद के रूप में खिलाया जाएगा।

आईएएनएस से बातचीत में ट्रस्ट से जुड़े यश पटेल ने बताया कि भारत में पहली बार इस तरह की अवधारणा को लागू किया गया है। गणेश प्रतिमा को सब्जियों और हरी घास से तैयार किया गया है और इसकी सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद इस्तेमाल की गई सामग्री को करीब 1,000 गायों को महाप्रसाद के रूप में खिलाया जाएगा। इस समय पूरे देश में गणेश महोत्सव की धूम है। इसी दौरान उनके मन में साग-सब्जियों से गणपति की प्रतिमा तैयार करने का विचार आया।

उन्होंने इसे एक अनोखा और पहली बार किया गया प्रयास बताया। प्रतिमा बनाने का काम सुबह करीब चार बजे शुरू किया गया था। इसे तैयार करने में करीब 100 लोगों की टीम लगी और पूरी प्रतिमा को बनाने में लगभग सात घंटे का समय लगा। इसमें गाजर, ककड़ी और हरी घास समेत विभिन्न सब्जियों का इस्तेमाल किया गया है।

जीनल पटेल ने कहा कि अलग-अलग पंडालों में गणेश उत्सव के दौरान विभिन्न प्रकार की प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं। ट्रस्ट द्वारा की गई यह पहल एक बेहतर और अनोखा विचार है। साग-सब्जियों से गणपति की प्रतिमा तैयार करना और बाद में इनका उपयोग पशु सेवा में करना सराहनीय प्रयास है।

ज्योति ने कहा कि पूरे भारत में गणेश उत्सव मनाया जा रहा है और हर कोई कुछ अनोखा करने की कोशिश करता है। इसी सोच के साथ सूरत में ट्रस्ट के लोगों ने इस तरह गणपति उत्सव मनाने का विचार किया।

वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वह हर रविवार को यहां आते हैं और पशुओं को रोटी खिलाते हैं। उन्होंने कहा कि आज जब वह यहां पहुंचे और सब्जियों व फलों से बनी गणपति की प्रतिमा देखी, तो उन्हें यह पहल बहुत अच्छी लगी। यह एक यूनिक कॉन्सेप्ट है और दुनिया को इससे सीखना चाहिए कि पशुओं के प्रति दया और सेवा की भावना रखनी चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी