सुप्रिया सुले सिंगापुर में सांसदों के समूह का करेंगी नेतृत्व
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। सिंगापुर जाने वाले सांसदों के समूह का वे नेतृत्व करेंगी। इसके साथ ही मित्र देशों के साथ सुप्रिया सुले भारत की संसदीय कूटनीति की अगुवाई करेंगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया है। इस मैत्री समूहों में सभी प्रमुख राजनीतिक दल के सांसदों को शामिल किया गया है। जिसमें सांसद सुप्रिया सुले को सिंगापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बता दें कि दुनिया के देशों के साथ भारत के संसदीय संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया गया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि भारत की संसद विश्व की विभिन्न सांसदों के साथ प्रत्यक्ष और नियमित संवाद बढ़ाना चाहती है, जिससे कि पारंपरिक राजनय के साथ-साथ संसदीय स्तर पर भी मजबूत संबंध बने रहें।
सांसद सुप्रिया सुले के अलावा मैत्री समूहों में वरिष्ठ नेताओं में रवि शंकर प्रसाद, एम. थंबीदुरई, पी. चिदंबरम, राम गोपाल यादव, टी.आर. बालू, काकोली घोष दस्तीदार, गौरव गोगोई, कनिमोझी करुणानिधि, मनीष तिवारी, डेरेक ओ’ब्रायन, अभिषेक बनर्जी, असदुद्दीन ओवैसी, अखिलेश यादव, के.सी. वेणुगोपाल, राजीव प्रताप रूडी, संजय सिंह, बैजयंत पांडा, शशि थरूर, निशिकांत दुबे, अनुराग सिंह ठाकुर, भर्तृहरि महताब, डी. पुरंदेश्वरी, संजय कुमार झा, हेमा मालिनी, बिप्लब कुमार देब, सुधांशु त्रिवेदी, जगदंबिका पाल, सस्मित पात्रा, अपराजिता सारंगी, श्रीकांत एकनाथ शिंदे, पी.वी. मिधुन रेड्डी और प्रफुल्ल पटेल सहित कई अन्य नेता शामिल हैं।
लोकसभा सचिवालय ने जानकारी दी कि जिन देशों के साथ ये मैत्री समूह बनाए गए हैं, उनमें श्रीलंका, जर्मनी, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, भूटान, सऊदी अरब, इजरायल, मालदीव, अमेरिका, रूस, यूरोपीय संसद, दक्षिण कोरिया, नेपाल, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जापान, इटली, ओमान, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, सिंगापुर, ब्राजील, वियतनाम, मेक्सिको, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। पहले चरण में जहां 60 से अधिक देशों के साथ मैत्री समूहों का गठन किया गया है, वहीं निकट भविष्य में कई अन्य देशों के साथ इन समूहों के गठन के प्रयास किए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
सत्यम/एएस