सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश: अभिषेक बनर्जी की मीडिया ट्रायल याचिका पर विचार करे कलकत्ता हाईकोर्ट
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ चल रही जांच और उससे जुड़ी मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर दायर याचिका पर मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से अभिषेक बनर्जी की याचिका पर विचार करने और अंतरिम राहत की मांग पर फैसला लेने का अनुरोध किया।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील शोएब आलम ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने सितंबर में कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन मामले पर तत्काल सुनवाई नहीं हो सकी।
क्या है पूरा मामला?
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ चल रही विभिन्न जांचों से जुड़ी जानकारियां चुनिंदा मीडिया संस्थानों तक पहुंचाई जा रही हैं। उनका कहना है कि पूछताछ और जांच से जुड़े तथ्यों को मीडिया में प्रकाशित किए जाने से उनकी छवि प्रभावित हो रही है और उनके खिलाफ एक तरह का 'मीडिया ट्रायल' चलाया जा रहा है।
उनकी याचिका में मांग की गई है कि जांच एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को जांच से जुड़ी निजी जानकारियां मीडिया में लीक करने से रोका जाए। साथ ही, मीडिया संस्थानों को भी ऐसी खबरें प्रकाशित करने से रोकने के लिए निर्देश जारी किए जाएं, जिनसे जांच प्रभावित होने या उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की आशंका हो।
हाईकोर्ट में तीन बार की गई थी सुनवाई की मांग
सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के वकील ने दलील दी कि इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में पहले भी सुनवाई की मांग की गई थी। उनके मुताबिक, याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए तीन बार अदालत का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।
वकील ने यह भी कहा कि जांच से जुड़ी खबरें लगातार प्रकाशित हो रही हैं और इससे अभिषेक बनर्जी के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने दलील दी कि किसी भी व्यक्ति को मीडिया रिपोर्टिंग के आधार पर जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। कानून में निर्दोष माने जाने की धारणा को मीडिया ट्रायल के जरिए कमजोर नहीं किया जा सकता।
16 नवंबर को खुलेगा हाईकोर्ट, फिर रख सकेंगे अपनी मांग
सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया। पीठ ने अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट दोबारा खुलने पर अपनी याचिका का उल्लेख करने की अनुमति दी। हाईकोर्ट 16 नवंबर को छुट्टियों के बाद खुलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से उनकी अंतरिम राहत की मांग पर विचार करने का अनुरोध भी किया है।
इस तरह फिलहाल अभिषेक बनर्जी को मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने का कोई अंतिम आदेश नहीं मिला है। अब उनकी याचिका और अंतरिम राहत की मांग पर फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट को करना है।