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शिवसेना के धनुष-बाण निशान विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, वीडियो में जाने जस्टिस बागची ने पूछा- ‘संवैधानिक पाप’ करने वालों पर भी लागू होगी चुनाव चिह्न की भावना?

 

शिवसेना के चुनाव चिह्न धनुष-बाण को लेकर चल रहे विवाद पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच एकनाथ शिंदे गुट को धनुष-बाण चुनाव चिह्न देने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इस दौरान कोर्ट ने चुनाव चिह्न और संवैधानिक नैतिकता से जुड़े कई अहम सवाल उठाए।सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने सवाल किया कि क्या चुनाव चिह्न की भावना उन लोगों के लिए भी लागू होगी, जिन्होंने संवैधानिक पाप किया है? उन्होंने पूछा कि क्या यही भावना उन लोगों के लिए भी लागू होगी, जिन्होंने संवैधानिक पाप किए जाने की शिकायत की है।

चुनाव आयोग के फैसले पर पहले भी सवाल उठा चुका है कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट इससे पहले भी चुनाव आयोग के उस फैसले पर सवाल उठा चुका है, जिसमें एकनाथ शिंदे गुट को शिवसेना का धनुष-बाण चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था। कोर्ट ने पूछा था कि क्या चुनाव आयोग दोनों गुटों को धनुष-बाण चुनाव चिह्न देने से इनकार कर सकता था।मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विधायकों की संख्या को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल किया। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि जिन विधायकों की सदस्यता को लेकर अयोग्यता की कार्यवाही चल रही हो, क्या उनकी संख्या को बहुमत तय करने का सुरक्षित आधार माना जा सकता है।

बुधवार को भी जारी रहेगी सुनवाई

शिवसेना के चुनाव चिह्न विवाद पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले पर बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट के सवालों और आगे की सुनवाई पर दोनों शिवसेना गुटों की नजर बनी हुई है।यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के विभाजन और उसके बाद पार्टी के चुनाव चिह्न पर अधिकार से जुड़ा है। चुनाव आयोग के फैसले के बाद शिंदे गुट को धनुष-बाण निशान मिला था, जबकि उद्धव ठाकरे गुट ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।