CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, वीडियो में जाने अंतरिम निलंबन से इनकार; SIR के 14 फैसलों पर मांगा जवाब
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े करीब 14 अहम फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ज्ञानेश कुमार के निलंबन का कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया, लेकिन मामले में चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि SIR से संबंधित कई फैसलों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों या असहमति के बावजूद फैसले आगे बढ़ाए गए। याचिका में नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच ऐसे 14 मौकों का जिक्र किया गया है।
कोर्ट ने कहा- गैरकानूनी फैसला हुआ तो रद्द किया जा सकता है
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित करने की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने कहा कि पहले चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर जांच में कोई फैसला कानून के मुताबिक नहीं पाया जाता या यह सामने आता है कि उसे आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं लिया गया, तो उसे रद्द किया जा सकता है अदालत ने चुनाव आयोग से विवादित फैसलों से संबंधित रिकॉर्ड भी पेश करने को कहा है। इनमें SIR से जुड़े फैसलों के साथ Form 6 में किए गए बदलाव से संबंधित रिकॉर्ड भी शामिल हैं।
Form 6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान Form 6 को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी सामने आई। CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 में किए गए किसी संशोधन को मंजूरी नहीं दी है। अदालत यह भी जानना चाहती है कि Form 6 में बदलाव किसके स्तर पर और किस अनुमति के आधार पर किया गया। दरअसल, Form 6 नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला आवेदन है। SIR प्रक्रिया के दौरान इसके साथ लगाए गए डिक्लेरेशन को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। चुनाव आयोग ने इससे पहले कहा था कि SIR से संबंधित प्रक्रिया और Form 6 के साथ लगाए गए डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिली थी। हालांकि, सोमवार की सुनवाई में CJI ने Form 6 में किसी संशोधन को अदालत की मंजूरी मिलने की बात से इनकार किया
अब चुनाव आयोग के जवाब पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों को अपना पक्ष अदालत के सामने रखना होगा। इसके बाद कोर्ट यह देखेगा कि SIR से जुड़े जिन फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं, उन्हें किस प्रक्रिया के तहत लिया गया था और क्या उनमें आयोग के सभी सदस्यों की निर्धारित भूमिका रही थी।फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई अंतरिम निलंबन आदेश जारी नहीं किया है। मामले की आगे की सुनवाई में चुनाव आयोग का वाब और संबंधित रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।