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सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- विराट कोहली जैसे सितारों से करवाएं अपील, वीडियो में जाने बिना पटाखों के दिवाली मनाने के लिए लोगों को करें जागरूक

 

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए लोगों से बिना पटाखे चलाए दिवाली मनाने की अपील करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया है। कोर्ट ने कहा कि विराट कोहली जैसे मशहूर क्रिकेटरों और समाज के अन्य सम्मानित लोगों की मदद से लोगों को प्रदूषण के प्रति जागरूक किया जा सकता है। इसके लिए लोकप्रिय हस्तियों के वीडियो और संदेश प्रसारित किए जा सकते हैं, जिनमें वे लोगों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना त्योहार मनाने की अपील करें।

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच गुरुवार को दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जस्टिस वराले ने कहा कि जनता को जागरूक करने के लिए अच्छे खिलाड़ियों और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में सम्मान हासिल करने वाली शख्सियतों की सेवाएं क्यों नहीं ली जा सकतीं।कोर्ट का मानना है कि मशहूर हस्तियों की अपील का लोगों पर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में उनके माध्यम से पटाखों से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि लोकप्रिय खिलाड़ी और अन्य जानी-मानी हस्तियां वीडियो या मैसेज रिकॉर्ड कर लोगों से प्रदूषण बढ़ाए बिना दिवाली मनाने की अपील करें।

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टीवी और अखबारों के जरिए प्रचार करने का सुझाव

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को पटाखों के इस्तेमाल पर लागू पाबंदियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा। कोर्ट ने सुझाव दिया कि टीवी, अखबारों और अन्य संचार माध्यमों के जरिए लोगों को नियमों की जानकारी दी जाए, ताकि त्योहार के दौरान प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल नियम लागू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों तक उनकी जानकारी पहुंचाना भी जरूरी है। जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को यह समझाया जा सकता है कि पटाखों का इस्तेमाल वायु प्रदूषण बढ़ाने में योगदान देता है और इसका असर आम लोगों की सेहत पर भी पड़ता है।

ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल के लिए तय की गई समय सीमा

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले दिवाली के दौरान ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए थे। कोर्ट के अनुसार, ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली के दिन केवल निर्धारित समय के दौरान ही किया जा सकेगा। यह छूट सीमित अवधि के लिए दी गई है।कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति एक टेस्ट केस के तौर पर दी जा रही है। इसका मतलब है कि यह व्यवस्था स्थायी नहीं है और इसे तय अवधि के लिए ही लागू किया जाएगा।दिल्ली-NCR में हर साल दिवाली के आसपास वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने की चिंता सामने आती है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह सुझाव लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और त्योहार के दौरान प्रदूषण कम रखने की दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।