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सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद मीनाक्षी नटराजन बोलीं-जनता की अदालत में अपनी लड़ाई लड़ूंगी

 

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव का नामांकन रद्द होने के मामले में मीनाक्षी नटराजन की याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो गई है। याचिका खारिज होने पर मीनाक्षी ने कहा कि आगे की लड़ाई जारी रखेंगी।

नामांकन रद्द होने से जुड़ी याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने आईएएनएस से कहा, "हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। लोकतंत्र में एक और अदालत होती है, जनता की अदालत। हम अपनी लड़ाई उनके पास ले जाएंगे। मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी, क्योंकि ऐसा करना उचित नहीं होगा।"

मीनाक्षी नटराजन ने कहा, "चुनाव आयोग ने अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया है। हमने चुनाव आयोग से संपर्क किया था, लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी वह चुप है। उसकी यह चुप्पी अपने आप में ही कुछ कह रही है।"

कांग्रेस नेता ने कहा, "मैं पहले दिन से कह रही हूं कि चुनाव आयोग पूरी तरह से प्रभावित है, और आज यह बात एक बार फिर साबित हो गई है। जब मध्य प्रदेश राज्य के वकील खड़े होते हैं, तो यह मामला मध्य प्रदेश राज्य से जुड़ा नहीं रह जाता। हम राज्यों के खिलाफ नहीं लड़ रहे थे। हम चुनाव आयोग के बारे में बात कर रहे थे। हम यह बता रहे थे कि कैसे रिटर्निंग ऑफिसर प्रभावित थे और वे जनता के सामने बेनकाब हो गए हैं।"

मीनाक्षी ने कहा, "सभी जानते हैं कि कार्पोरेट जगत के एक व्यक्ति के लिए अलग और संवैधानिक मूल्यों के लिए लड़ने वालों के लिए दूसरा कानून बनता है। पार्टी के निर्णय के अनुसार आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी।"

बता दें कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि उन्होंने एक लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। हालांकि, कोर्ट ने पार्टी की याचिका खारिज कर दी और कहा कि इससे हाई कोर्ट स्तर पर होने वाली किसी भी संभावित चुनावी याचिका पर असर नहीं पड़ेगा। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले का विरोध करते हुए तर्क दिया कि नटराजन के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय नहीं किए गए थे। इस फैसले के जवाब में कांग्रेस सदस्यों ने चुनाव आयोग द्वारा मामले को संभालने के तरीके के विरोध में नई दिल्ली में सत्याग्रह किया।

--आईएएनएस

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