☰
×

हवाई किराया 700% बढ़ने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की दोटूक टिप्पणी, कहा- 'आप हवाई यात्रा मत करिए'; याचिका खारिज

 

देश में लगातार बढ़ते हवाई किराए को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि विमान टिकटों का किराया 700% तक बढ़ गया है। इस पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, 'आप हवाई यात्रा मत करिए। आगे बढ़िए।' जस्टिस जे. विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिका खारिज कर दी।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना था कि हवाई यात्रा आज के समय में एक जरूरी सेवा बन चुकी है और किराए में 700% तक की वृद्धि आम लोगों के लिए परेशानी का कारण है। उन्होंने इस बढ़ोतरी को संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत की टिप्पणी के बाद याचिका खारिज कर दी गई।

हवाई किराए में 700% बढ़ोतरी का किया दावा

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/7gnuOdmfSJE?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/7gnuOdmfSJE/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

जनहित याचिका में हवाई टिकटों की कीमतों में कथित तौर पर हुई भारी बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया गया था। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि विमानन कंपनियां यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रही हैं। उनका तर्क था कि हवाई यात्रा अब केवल अमीर लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में आम लोग भी जरूरी कामों के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।वकील ने अदालत से मांग की थी कि हवाई किराए में होने वाली बढ़ोतरी पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक कीमतें बढ़ने से आम यात्रियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

हर साल 24 करोड़ हवाई यात्राएं

भारत में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बड़ी बनी हुई है। नागर विमानन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में हर साल करीब 24 करोड़ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री यात्राएं होती हैं।इनमें 16.55 करोड़ घरेलू और 7.39 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्री यात्राएं शामिल हैं। इससे पता चलता है कि देश में हवाई परिवहन का इस्तेमाल बड़े स्तर पर किया जा रहा है। ऐसे में हवाई किराए में होने वाले बदलाव का असर बड़ी संख्या में यात्रियों पर पड़ता है।

भारतीय वायुयान नियम 2026 जारी, एयरलाइंस को किराया तय करने की छूट

इसी बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को भारतीय वायुयान नियम, 2026 का गजट जारी किया है। नए नियमों के तहत विमानन कंपनियों को हवाई टिकटों का किराया तय करने की स्वतंत्रता दी गई है। अब एयरलाइंस को किराया बढ़ाने या घटाने के लिए सरकार से पहले अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।हालांकि, सरकार ने अपने पास हस्तक्षेप का अधिकार भी सुरक्षित रखा है। किसी अपरिहार्य स्थिति में केंद्र सरकार विमानन कंपनियों को किराए को लेकर निर्देश दे सकेगी।

1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए नियम

भारतीय वायुयान नियम, 2026 आगामी 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इन नियमों के लागू होने के बाद एयरलाइंस मांग, उपलब्ध सीटों और अन्य व्यावसायिक परिस्थितियों के आधार पर टिकटों की कीमत तय कर सकेंगी।नए नियमों के बीच हवाई किराए को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका खारिज होने से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यात्रियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नई व्यवस्था में किराया निर्धारण किस तरह होता है और जरूरत पड़ने पर सरकार किस प्रकार हस्तक्षेप करती है।