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NEET परीक्षा सिस्टम की जांच के लिए NTA ऑफिस जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के जज, फुटेज में जाने सुरक्षा व्यवस्था पर होगी नजर

 

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET परीक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जज खुद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कार्यालय का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान यह देखा जाएगा कि परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए किए गए इंतजाम वास्तव में किस तरह काम कर रहे हैं।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। कोर्ट के सामने यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, FAIMA और अन्य संगठनों की ओर से याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में NTA को भंग करने के साथ ही NEET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।

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सुनवाई के दौरान परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि जरूरत महसूस होने पर वह NTA के कार्यालय जाकर परीक्षासे जुड़े सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति देख सकता है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि परीक्षा को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल जमीन पर किस तरह लागू किए जा रहे हैं।इससे पहले केंद्र सरकार ने 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि NEET परीक्षा की मौजूदा व्यवस्था फूलप्रूफ है और इसमें सेंध लगाना मुश्किल है। सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और तकनीकी इंतजामों के बारे में कोर्ट को जानकारी दी गई थी।

केंद्र ने यह भी बताया था कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित हाई पावर्ड पैनल परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर काम कर रहा है। सरकार के मुताबिक, पैनल की पहली अंतरिम रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की संभावना है। अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से NTA की व्यवस्था को लेकर की गई टिप्पणी और संभावित निरीक्षण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा, निगरानी और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर कोर्ट में और चर्चा हो सकती है।