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सुप्रीम कोर्ट जाना हमारी अंतिम गुहार, लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी : महुआ माजी

 

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडिया ब्लॉक की हाई-टी और दिल्ली में निकली विशाल रैली को लेकर विपक्षी नेताओं ने एक सुर में सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोला है। जेएमएम सांसद महुआ माजी ने स्पष्ट किया कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें गठबंधन का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा है और हाई-टी में होने वाले किसी भी फैसले पर वह पार्टी आलाकमान से चर्चा करेंगी। रैली में धक्का-मुक्की के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा मुख्य मुद्दे वोट चोरी से ध्यान भटका रही है और जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तो जनता के पास सुप्रीम कोर्ट ही अंतिम सहारा होता है।

जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा, "जेएमएम इंडिया गठबंधन के साथ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुझे यहां इंडिया गठबंधन का साथ देने के लिए भेजा है। उनकी मां का निधन हो गया, जिसकी वजह से वो इसमें शामिल नहीं हो पाए। मैं उनकी तरफ से इंडिया गठबंधन की तरफ से जो भी हो रहा है, उसमें साथ दे रहे हैं। हाई टी में कुछ भी निर्णय लिया जाता है तो इस संबंध में मैं अपनी पार्टी से बात करूंगी और जैसा कहा जाएगा वैसा हम करेंगे।"

उन्होंने कहा कि जनता की आवाज उठाने के लिए देशभर के लोग अगर दिल्ली पहुंच रहे हैं और सड़कें लिमिटेड हैं, लेकिन अगर ज्यादा लोग आ जाएं, जनता की आवाज उठाने, जब वो रास्ते पर चलेंगे तो एक-दूसरे से सटकर ही चलेंगे, उसमें धक्का-मुक्की जैसा माहौल बन सकता है। ये कोई मुद्दा नहीं है। अहम मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश में भाजपा के लोग ये सब कर रहे हैं।

महुआ माजी ने कहा कि देश के पास कोई चारा नहीं होता है। लोकतंत्र में जनता के पास जब कोई चारा नहीं होता है, तब वो अंतिम गुहार लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास ही जाते हैं। उसी के तहत जब राष्ट्रपति के पास जाकर इंडिया ब्लॉक की तरफ से ज्ञापन दिया गया, सदन में भी हमने इस पर बात करने की कोशिश की, सड़क पर उतरे, लेकिन अगर स्थिति नहीं बदल रही है तो सुप्रीम कोर्ट जाने के अलावा और कोई चारा नहीं है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जबरदस्त रैली हुई। जनता में भय खत्म हो गया है। पुलिस की ओर से डराने की जो कोशिश हो रही थी, भाजपा और आरएसएस के गुंडे दुर्व्यवहार कर रहे थे, लेकिन सोमवार को जो रैली निकली है, उसके बाद वो गुंडे किसी कोने में दुबक गए। वर्षों बाद ये इतनी बड़ी रैली हुई। वो खुद अराजक हैं, कानून नहीं मानते हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सोमवार की रैली लोकतंत्र बचाने के लिए और वोटचोरी के खिलाफ लोगों का आक्रोश है। लगभग लाखों लोग सड़क पर उतर आए। ये मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। अभी वक्त है, गलती स्वीकार कर लें कि वोट चोरी हुई है। ज्ञानेश कुमार को हटा दें। बैलेट पेपर पर चुनाव करा लें। इन्होंने 12 साल में देश को बर्बाद कर दिया।

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि रणनीति का खुलासा नहीं किया जाता है, लेकिन एक बात स्पष्ट कर दूं कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली गई रैली में केवल पार्टी लाइन पर नहीं, सभी लोग सम्मिलित हुए। एक बात देश के लोग अब समझ रहे हैं कि राहुल गांधी जिन-जिन बातों को उठा रहे हैं, वो सत्य है और लोगों ने महसूस किया है।

राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि हम लगातार सड़कों पर दिखेंगे। जब सरकार तानाशाही पर उतरेगी, चुानव आयोग चोरी के जरिए सरकार बनवाएगी, तो जाहिर सी बात है कि जो भी लोकतंत्र के चाहने वाले जिंदा लोग हैं, वो सड़कों पर उतरेंगे। सरकार को लोकतंत्र के लिए जीने और चलने पर मजबूर करेगी।

स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि अब तक इस आंदोलन में एक बहुत ही सुंदर स्वाभाविक जुगलबंदी चल रही है। ये आंदोलन आगे बढ़ता जा रहा है। इस देश के चुनावी लोकतंत्र को बचाने की मुहिम आगे बढ़ेगी। इस आंदोलन की रीढ़ की हड्डी युवा और छात्र हैं। आपने देखा होगा कि पिछले कुछ दिनों में किसान, मजदूर और अन्य नागरिक अधिकतार संगठनों ने भी इसके अपना समर्थन दिया है। ये केवल एक पार्टी, संगठन और धारा का आंदोलन होने के बजाय जन आंदोलन बन चुका है।

--आईएएनएस

केके/वीसी