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सुप्रीम कोर्ट 27 मई को सुनाएगा एसआईआर की वैधता पर अहम फैसला, तय करेगा चुनाव आयोग की शक्तियों की सीमा

 

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को उन याचिकाओं के समूह पर फैसला सुनाएगा, जिनमें भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वैधता को चुनौती दी गई है। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ इस पर फैसला सुनाएगी।

न्यायालय को यह तय करना है कि क्या चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 326, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत वर्तमान स्वरूप में एसआईआर करने की शक्तियां प्राप्त हैं।

कोर्ट की तरफ से एसआईआर प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई थी। इसके साथ ही बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में एसआईआर पूरा हो चुका है, जबकि गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे कई राज्यों में यह प्रक्रिया अभी जारी है। कोर्ट ने इस पर रोक नहीं लगाई है और यह प्रक्रिया जारी रहने दी है। कोर्ट ने इस मामले में 29 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में अधिकांश याचिकाएं जून 2025 में दायर की गई थीं, जब चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर कराने का फैसला किया था। याचिकाकर्ताओं में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर), राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मनोज झा, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) सांसद सुप्रिया सुले समेत कई लोग शामिल हैं।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मामले में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग को आधार कार्ड को एसआईआर के लिए अनिवार्य (12वें दस्तावेज के रूप में) दस्तावेज में शामिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आधार नागरिक का प्रमाण नहीं होगा और चुनाव आयोग के आधार कार्ड का सत्यापन करा सकेगा।

--आईएएनएस

एमएस/वीसी