×

सुकूनभरी नींद और जोड़ों की समस्या दूर करने में अश्वगंधा का सेवन फायदेमंद

 

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में अश्वगंधा को एक बेहद खास औषधि माना गया है। यह कोई नई खोज नहीं है, बल्कि हजारों सालों से इसका इस्तेमाल शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता रहा है। आसान शब्दों में कहें तो अश्वगंधा वह जड़ी-बूटी है जो शरीर को अंदर से ताकत देती है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, तनाव, नींद की कमी और कमजोरी आम समस्याएं बन गई हैं। ऐसे में अश्वगंधा एक प्राकृतिक सहारा बन सकती है। इसके नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। जो लोग जल्दी थक जाते हैं या हमेशा कमजोरी महसूस करते हैं, उनके लिए यह बहुत फायदेमंद मानी जाती है।

अश्वगंधा का सबसे बड़ा फायदा है तनाव कम करना। यह दिमाग को शांत रखती है और चिंता, घबराहट व मानसिक दबाव को कम करने में मदद करती है। जो लोग ज्यादा सोचते हैं या जिन्हें नींद नहीं आती, उनके लिए अश्वगंधा किसी वरदान से कम नहीं है। यह नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है और गहरी, सुकूनभरी नींद लाने में सहायक होती है।

शारीरिक दर्द और जोड़ों की समस्या में भी अश्वगंधा उपयोगी है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को कम करते हैं। अश्वगंधा के तेल से मालिश करने पर मांसपेशियों को आराम मिलता है और अकड़न दूर होती है।

पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए अश्वगंधा फायदेमंद है। पुरुषों में यह ताकत, स्टैमिना और हार्मोन संतुलन को बेहतर बनाती है। वहीं महिलाओं में कमजोरी दूर करने, तनाव घटाने और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।

इसके अलावा, अश्वगंधा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक है। यह शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देती है। साथ ही इसके एंटी-एजिंग गुण त्वचा को स्वस्थ रखने और बढ़ती उम्र के असर को धीमा करने में मदद करते हैं।

अश्वगंधा का सेवन पाउडर के रूप में दूध या गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है। हालांकि यह प्राकृतिक औषधि है, फिर भी इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए। किसी गंभीर बीमारी या दवा के साथ लेने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी