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एआई टूल्स से छात्राओं की फोटो को अश्लील तस्वीरों में बदलने के आरोप में छात्र गिरफ्तार

 

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नवा रायपुर स्थित डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) की दर्जनों छात्राओं की फोटो को एआई टूल्स की मदद से अश्लील तस्वीरों में बदलने के आरोप में 21 वर्षीय एक छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने विभिन्न सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके छात्राओं की फोटो जमा की और फिर उन्हें एआई आधारित सॉफ़्टवेयर की मदद से अश्लील सामग्री में बदल दिया। इन तस्वीरों को इंटरनेट पर फैलाने का इरादा था।

शिकायत और जांच

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/n2HYW9r8wcE?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/n2HYW9r8wcE/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" title="AI से 36 लड़‍क‍ियों के अश्लील फोटो बनाए, IIIT Raipur ने सस्पेंड क‍िया, अब पुल‍िस ढूंढ रही #shorts" width="315">
छात्राओं ने जब इस मामले की शिकायत कॉलेज प्रशासन और पुलिस से की, तो तुरंत नवा रायपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए, जिनमें अश्लील तस्वीरें और उनका निर्माण करने वाले सॉफ़्टवेयर के सबूत मिले।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि आरोपी ने कई छात्राओं की तस्वीरों को बदला और उनका दुरुपयोग करने का प्रयास किया।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
रायपुर पुलिस के अनुसार आरोपी छात्र 21 वर्ष का है और उसी संस्थान में अध्ययनरत है। उसने पूछताछ में कई छात्राओं के फोटो को बदलने और इंटरनेट पर फैलाने की बात कबूल की है। पुलिस ने कहा कि मामले में आरोपी पर आईटी एक्ट, साइबर अपराध और छेड़छाड़ संबंधी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया
IIIT रायपुर के प्रशासन ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संस्थान की निदेशक ने कहा, “हम ऐसे किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पीड़ित छात्राओं के साथ हर संभव मदद और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही कॉलेज परिसर में साइबर जागरूकता और सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।”

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एआई टूल्स का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है। उन्होंने छात्राओं और युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। “अपने व्यक्तिगत फोटो और डेटा को सोशल मीडिया पर साझा करते समय बेहद सावधानी बरतें। एआई आधारित फ़ेक तस्वीरें गंभीर मानसिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा सकती हैं।”

कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर फोरेंसिक और डिजिटल सबूतों की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया भी चल रही है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

सामाजिक संदेश
इस घटना ने छात्रों और अभिभावकों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर एक बार फिर जोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल दुनिया में व्यक्तिगत जानकारी और तस्वीरों का सुरक्षित रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है।